विश्व हिंदू परिषद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पिछड़ा एवं दिव्यांग जन कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर को तुरंत मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है। विहिप के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा कि साधु-संतों पर इस तरह की अमर्यादित टिप्पणी कोई अशिष्ट व्यक्ति ही कर सकता है।
राजभर अपनी मर्यादा खो चुके हैं। एक संत के नेतृत्व में चल रही सरकार में होते हुए भी साधु-संतों के बारे में अपमानजनक टिप्पणी उनकी घटिया सोच को ही प्रकट करती है। संतों ने जिस धार्मिक और सांस्कृतिक आंदोलन को निस्वार्थ चलाया, उसे रोजी-रोटी से जोड़ कर बयान देने वाले मंत्री राजभर की सरकार से विदाई नहीं हुई तो संतों-धर्माचार्यों और हिंदू संगठनों का आक्रोश बढ़ेगा। राजभर की बर्खास्तगी से कम कुछ भी स्वीकार नहीं है।
क्या कहा था राजभर ने
राजभर ने कहा था- ‘साधु-संत राम मंदिर का राग सिर्फ इसलिए अलापते हैं क्योंकि इससे उनकी रोजी-रोटी चलती है और उनका पेट भरता है। ये न तो खेती करते हैं और न ही मेहनत का कोई दूसरा काम। उनकी आमदनी का कोई दूसरा जरिया नहीं है।
इसलिए वे मंदिर राग अलापकर अपनी रोजी-रोटी का इंतजाम करते हैं। मंदिर को लेकर उनके मन में कोई आस्था नहीं होती। मेरी बात से यदि साधु-संत नाराज होते हैं तो कोई फिक्र नहीं। नाराज होकर वे मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते।