अयोध्या। बिजली निगम के मुख्य अभियंता अशोक चौरसिया ने उपभोक्ताओं के घर लगे पुराने और स्मार्ट मीटर की ऊर्जा का मिलान कराया तो मामूली अंतर दिखा। तकनीकी टीम ने दोनों में अधिकतम 3% तक भिन्नता होने का दावा किया। इसके बाद उन्होंने उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर को उपयोगी बताया।
जिले के 4,11,873 बिजली उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगना है। जयपुर की पोलारिस स्मार्ट मीटरिंग नामक संस्था इसे लगवा रही है। अब तक 39,308 स्मार्ट मीटर जिले में लग चुके हैं। इसे लेकर उपभोक्ताओं में तमाम भ्रांतियां विद्यमान होने पर मुख्य अभियंता ने इसके निवारण के लिए दो बिजली उपभोक्ताओं के मीटरों का औचक सत्यापन कराया है।
जांच के दौरान रामपथ स्थित सहादतगंज निवासी उपभोक्ता विनोद कुमार के यहां स्मार्ट मीटर की रीडिंग 4,671 यूनिट निकली। जब पुराने चेक मीटर से इसे मापा गया तो यह 4,674 यूनिट रही। इस तरह नए मीटर से 0.06% का अंतर पाया गया। इसके बाद यहीं की गीता देवी के मीटर का सत्यापन हुआ तो पुराने मीटर में 939 यूनिट ऊर्जा मिली। जबकि, स्मार्ट मीटर में यह संख्या 942 निकली। इस तरह इसमें 0.31% भिन्नता मिली।
मुख्य अभियंता ने बताया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिए हर तरह से उपयोगी है। इससे गलत बिजली बिल से छुटकारा मिलेगा। एसडीओ मीटर सतवीर सिंह ने बताया कि स्मार्ट मीटर से घर बैठे मीटर रिचार्ज की सुविधा मिलेगी। बिजली दर पर 2% की छूट मिलेगी। उपभोक्ता अपने बजट के अनुसार बिजली खर्च स्वयं नियंत्रित कर सकेंगे। भविष्य में सोलर पैनल व ईवी चार्जिंग करने पर मीटर बदलने की जरूरत नहीं होगी।