लखनऊ। ट्रांसपोर्टनगर स्थित आरटीओ के फिटनेस सेंटर पर तीसरे दिन सोमवार को भी वाहनों की फिटनेस नहीं हो पाई। सेंटर पर सन्नाटा पसरा रहा। पोर्टल अपडेशन के चलते काम ठप रहा। वाहन स्वामियों की फीस नहीं जमा हुई, जिससे परेशानी बनी हुई है।
वाहनों के खड़े होने से आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई भी बाधित हो सकती है। इसका असर लखनऊ में सप्लाई पर पड़ सकता है। सैकड़ों गाड़ियां फिटनेस के अभाव में खड़ी हैं। इससे सबसे ज्यादा ट्रक, बस, स्कूली वाहन स्वामी परेशान हैं। बगैर फिटनेस प्रमाणपत्र वाहनों का संचालन नहीं हो सकता। ऐसे में वाहनों के खड़े रहने से आर्थिक नुकसान हो रहा है।
लखनऊ में इंस्पेक्शन एंड सर्टिफिकेशन सेंटर पर वाहनों की फिटनेस जांची जाती है। बीते शुक्रवार की दोपहर से ऑटोमेटेड फिटनेस मैनेजमेंट सिस्टम पर फीस जमा नहीं हो पा रही है। यह समस्या सोमवार को भी बनी रही। इससे वाहनों की फिटनेस का काम अटक गया। सेंटर पर रोजना 80 से 100 गाड़ियों को फिटनेस के लिए स्लॉट दिया जाता है। तीन दिनों में ढाई सौ वाहनों की फिटनेस अटकी हुई है। ट्रांसपोर्टर और वाहन मालिक आरटीओ दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं।
खास बात यह है कि फिटनेस न होने से व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। ट्रांसपोर्टर सिकंदर सिंह ने बताया कि डीजल, पेट्रोल, दूध, सब्जी, दाल सहित अन्य जरूरी सामानों की आपूर्ति वाहनों की फिटनेस नहीं होने से बाधित हो सकती है। स्कूली वाहनों का संचालन भी बाधित हो रहा है।
बगैर फिटनेस वाहन चलाने पर जुर्माना
फिटनेस नहीं होने पर वाहन को खड़ा करने की मजबूरी पैदा हो गई। बगैर फिटनेस प्रमाणपत्र लेकर वाहन चलाने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लग सकता है। साथ ही दुर्घटना होने की स्थिति में आरसी सस्पेंड होने के साथ ही वाहन मालिक को जेल तक का प्राविधान है।
परिवहन आयुक्त से आज करेंगे मुलाकात
ट्रांसपोर्टर बुधवार को परिवहन आयुक्त बीएन सिंह से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराएंगे। ट्रांसपोर्टर पंकज चतुर्वेदी ने बताया कि आईटी विभाग के अफसर समस्या को दूर करने का दावा कर रहे हैं, लेकिन वाहन स्वामियों का जो नुकसान हो रहा है उसकी भरपाई कौन करेगा यह नहीं बता रहे।