आपकी लकी वाहन नंबर पाने की बहुत चाहत है। संभागीय परिवहन दफ्तर में खूब चक्कर काटे पर लकी नंबर नहीं मिला।
ऐसे वाहन मालिकों के लिए धनतेरस का पर्व खुशखबरी लेकर आया है। अब वाहन मालिक जल्दी ही अपना लकी नंबर 6000 रुपये में हासिल कर सकेंगे।
बस इसके लिए संभागीय परिवहन दफ्तर में पहले से आरक्षण कराना होगा। लेकिन, आरक्षण की श्रेणी में बिकने वाले 346 वीआईपी नंबर शामिल नहीं होंगे।
परिवहन विभाग की यह नई पंजीयन व्यवस्था है, जो इसी महीने से प्रभावी होने की संभावना है। इस आशय का प्रस्ताव शासन को मंजूरी के लिए भेजा जा चुका है।
शासन से प्रस्ताव की हरी झंडी मिलते ही लकी नंबर की व्यवस्था को लागू कर दिया जाएगा। परिवहन आयुक्त रजनीश गुप्ता ने शुक्रवार को बताया कि जनता की बेहद मांग पर लकी नंबरों को आरक्षित कराने की व्यवस्था को लागू करने की तैयारी चल रही है।
उन्होंने बताया कि परिवहन नियमावली में संशोधन होने के बाद जनता को यह सुविधा हासिल होने लगेगी।
इस लकी नंबर के लिए वाहन मालिकों को अपने अधीनस्थ संभागीय परिवहन दफ्तर में एक फॉर्म के जरिये लकी नंबर का उल्लेख करते हुए 6000 रुपये की फीस एडवांस रूप में जमा करनी होगी।
‘पहले आओ और पहले पाओ’ की तर्ज पर आरक्षण कराने वाले आवेदकों को लकी नंबर हासिल होंगे। उन्होंने बताया कि वाहन मालिक 15,000 से 3000 में बिकने वाले 346 वीआईपी वाहन नंबरों को लकी नंबर के रूप में आरक्षित नहीं करा सकेंगे।
आयुक्त के अनुसार जल्द ही वीआईपी वाहन नंबरों को भी ऑनलाइन बुकिंग एवं आरक्षित कराया जा सकेगा।