फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिता कैंसर से जूझ रहे थे बेटी बनी आईएएस, पढ़े क्या बोले पिता

Wed, 11 May 2016 01:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
वत्सला ने क‌िया शहर का नाम रोशन - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
एक तरफ सुनहरे भविष्य का सपना, तो दूसरी ओर पिता की बीमारी के साथ घर की जिम्मेदारी। इसके बावजूद वत्सला गुप्ता ने हिम्मत नहीं हारी और आखिरकार तीसरे प्रयास में यूपीएससी में 173वीं रैंक लाकर सफलता प्राप्त की। 
विज्ञापन


वृंदावन योजना में रहने वाली वत्सला ने अपनी तैयारी 2013 में शुरू की, लेकिन तभी उनके पिता भागवत प्रसाद गुप्ता, जो कि सिंचाई विभाग में सहायक अभियंता हैं को कैंसर हो गया। 

पिता को इलाज केलिए मुंबई ले जाना पड़ा, तो पूरी जिम्मेदारी वत्सला और उसकी छोटी बहन अनामिका पर आ गई। 2014 में जब पिता की तबीयत ठीक हुई, तो एक बार फिर से वत्सला ने अपनी तैयारी शुरू कर दी और आखिरकार अपने सपने को पूरा किया। 
विज्ञापन


वत्सला की मां जानकी गुप्ता गृहिणी हैं। बेटी की इस कामयाबी पर पूरा परिवार फूला नहीं समा रहा। पिता तो इतना ही कहते हैं कि उनकी बेटियां ऐसे लोगों के लिए उदाहरण हैं जो बेटे की चाह रखते हैं या बेटियों को दुनिया में आने ही नहीं देते।
विज्ञापन

जानें वत्सला की स्ट्रैटजी और ट‌िप्स

पढ़ाई को नहीं समझा बोझ - फोटो : amar ujala
वत्सला ने ग्रेजुएशन आईटी कॉलेज से और पीजी बायोकेमेस्ट्री विषय में लखनऊ विवि से किया है। इसके बाद वह 2008 से 2012 तक आईआईटीआर लैब में बतौर प्रोजेक्ट ऑफिसर कार्यरत रही। वत्सला कहती हैं कि प्रशासनिक सेवा में रहकर वह जमीनी तौर पर दूसरों की, खासतौर से महिलाओं की मदद कर सकती हैं।

स्ट्रैटजी: खुद के नोट्स तैयार करने के साथ न्यूज पेपर व न्यूज चैनल्स से करेंट अफेयर्स की तैयारी की। पढ़ाई को कभी बोझ नहीं समझा।

टिप्स: सफलता के लिए सबसे जरूरी है हार्ड वर्क। अपने कॅरियर को पैशन बनाएं, सिर्फ नौकरी न समझें। पढ़ाई को बोझ समझने की जगह एन्जॉय करें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें