लखनऊ। शनिवार को श्रद्धा और आस्था का विशेष संयोग बनेगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन के लिए वट सावित्री व्रत रखेंगी। वहीं न्याय के देवता भगवान शनि की जयंती भी श्रद्धापूर्वक मनाई जाएगी।
शनिवार के दिन अमावस्या पड़ने से इस बार शनैश्चरी अमावस्या का दुर्लभ योग बन रहा है। सीतापुर रोड स्थित हाथी बाबा मंदिर के ज्योतिषाचार्य आनंद दुबे ने बताया कि ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष अमावस्या को वट सावित्री व्रत रखा जाता है। इस दिन महिलाएं बरगद के वृक्ष की पूजा कर रक्षा सूत्र बांधती हैं और माता सावित्री का स्मरण करती हैं। धार्मिक मान्यता है कि बरगद के वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। उन्होंने बताया कि इसी तिथि पर भगवान सूर्य और माता छाया के पुत्र शनि देव का जन्म हुआ था। शनि जयंती पर पूजन, मंत्र जाप, दान-पुण्य और तेल अर्पण का विशेष महत्व माना गया है। शनि की ढैया और साढ़ेसाती से प्रभावित लोगों के लिए यह दिन विशेष फलदायी रहेगा। मंदिरों और शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ने की संभावना है।