सांसद वरुण गांधी ने कहा कि राष्ट्रभक्ति व पंथ निरपेक्षता साथ-साथ चल सकती है। कट्टर राष्ट्रभक्त पंथ निरपेक्ष भी हो सकता है। ये बातें उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी से सीखीं। वे पं. राम नरेश त्रिपाठी सभागार में पूर्व प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम के बाद उन्होंने सदर विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों का भ्रमण किया। सांसद वरुण गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के जन्मदिन सुशासन दिवस पर गुरुवार को पं. राम नरेश त्रिपाठी सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खुद को भाजपा में लाने का श्रेय अटल बिहारी को दिया।
सांसद ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री से उन्हें काफी सीख मिली है। भाजपा में शामिल होने के दौरान उन्होंने अटल से कहा था कि वे कर्ण एवं अभिमन्यु बनना चाह रहे हैं। नाम के पिछले हिस्से से उन्हें न जाना जाय। उनका इशारा नाम के पीछे ‘गांधी’ शब्द से था।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की तारीफ विपक्षी भी करते हैं।उन्होंने हमेशा बुराई को नजरअंदाज किया। इसके पूर्व कार्यक्रम में पहुंचने पर पार्टी के लोगों ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम को संबांधित करते हुए जिलाध्यक्ष करुणा शंकर द्विवेदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के दीर्घायु की कामना की।
कांग्रेस पर किया कटाक्ष
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस पर भी कटाक्ष किया। कहा कि जो काम कांग्रेस नहीं कर पाई उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर दिखाया है। पं. मदन मोहन मालवीय को भारत रत्न कांग्रेस को देना चाहिए था।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी व महामना मालवीय को भारत रत्न देने की घोषणा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की। कहा कि केंद्र सरकार के अल्प कार्यकाल में देश का विकास शुरू हो गया है। लोगों का विश्वास बढ़ा है।
कार्यक्रम के बाद सांसद वरुण गांधी ने सदर (जयसिंहपुर) विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों का दौरा किया। क्षेत्र में आयोजित चौपाल कार्यक्रम में हिस्सा लेकर उन्होंने जीत के लिए लोगों का आभार जताया।
कहा कि वे विकास कार्य के जरिए लोगों से सीधे जुड़ना चाह रहे हैं। उन्होंने रंडौली, महादेवपुर, बरौंसा, दियरा, मोतिगरपुर, कटसारी समेत कई गांवों में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस मौके पर सीताशरण त्रिपाठी, डॉ. आरए वर्मा, कपिलदेव सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।