फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

काशी चले भाजपाई,12 को है अहम लड़ाई

Sat, 03 May 2014 11:44 AM IST
अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
चुनावी समर अंतिम और निर्णायक चरण की ओर बढ़ रहा है। मुख्य लड़ाई छठे चरण में गंगा के तट काशी की भूमि पर 12 मई को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लड़ी जानी है।
विज्ञापन


पर, भाजपा के रणनीतिकारों ने पांचवें चरण में सात मई के मतदान पर भी नजर गड़ा दी है। भगवा सेनाओं ने काशी और आसपास पूर्वांचल की ओर कूच कर दिया है।

सेनापतियों को स्थानीय परिस्थितियों के मद्देनजर दांव-पेंच की ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है। सैनिकों की तैनाती और व्यूह रचना को अंजाम दिया जा रहा है।

उन लोगों को भी बुलाया जा रहा है जो इस इलाके में भाजपा के आक्रमण को और धार दे सकें। कुछ ऐसे लोग भी वहां लगाए गए हैं जो दूसरे खेमों की सटीक जानकारी भाजपा के रणनीतिकारों तक पहुंचा सकें।

भाजपा ने झोंकी पूरी ताकत

पांचवें-छठे चरण में लोकसभा की 33 सीटों का चुनाव होना है। भाजपा ने इन सीटों पर पूरी ताकत झोंकने की तैयारी की है ताकि ज्यादा से ज्यादा सीटों पर वह झंडा फहरा सके।

पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि मोदी के काशी से चुनाव लड़ने के कारण इन सीटों पर थोड़ी मेहनत करके भाजपा की संभावनाओं को नतीजों में बदला जा सकता है।

इसलिए पार्टी ने इन सीटों के लिए विशेष तैयारी की है। इसके लिए सीटवार समीक्षा करके एक-एक स्थान की अलग से रणनीति बनाने का फैसला किया है।

जिससे वहां की जरूरत के लिहाज से जरूरी इंतजाम किए जा सकें। मोदी के ताबड़तोड़ दौरे कराने की भी योजना बन रही है।

युद्ध संचालन काशी से

सूत्रों के मुताबिक चार मई के बाद नरेंद्र मोदी काशी और आसपास सक्रिय हो जाएंगे। भगवा खेमे की सेनाओं का संचालन लखनऊ के बजाय वाराणसी से शुरू हो जाएगा।

पांच मई के बाद मोदी खुद चुनावी समर की कमान अपने हाथ में ले लेंगे। वह एक तरफ अपने संसदीय क्षेत्र के मतदाताओं से संवाद बढ़ाएंगे तो आसपास की सीटों पर विरोधियों पर हमला बोलेंगे।

भाजपा के अन्य कई प्रमुख नेताओं का भी चार-पांच मई से काशी प्रवास शुरू हो जाएगा।

यह भी बताया जा रहा है कि अभी तक भले ही लालकृष्ण आडवाणी उत्तर प्रदेश के समर में न दिखे हों लेकिन निर्णायक लड़ाई में वह भी शामिल हो सकते हैं।

इन सीटों पर विशेष इंतजाम

कुछ सीटों पर जीत के लिए पार्टी ने विशेष रणनीति बनाई है। इसके तहत विरोधियों को जबरदस्त तरीके से घेरने और भाजपा उम्मीदवारों के प्रचार को आक्रामक बनाना शामिल है।

इन सीटों में अमेठी, डुमरियागंज, फैजाबाद, कैसरगंज, गोंडा, श्रावस्ती, इलाहाबाद, देवरिया, आजमगढ़, भदोही, मिर्जापुर, अंबेडकरनगर, गाजीपुर, फूलपुर व सुल्तानपुर शामिल हैं।

इन स्थानों पर अगले कुछ दिनों में भाजपा नेता से लेकर अभिनेताओं तक के ताबड़तोड़ दौरे शुरू हो जाएंगे।

पार्टी के प्रमुख नेता दो मई से इन इलाकों में डेरा डाल देंगे। सभी जगह भाजपा के खिलाफ  लड़ने वालों की जन्मकुंडली भी बांचने की योजना है।

हेमा-उमा रोकेंगीं राहुल की राह

राहुल को घेरने की तैयारी भगवा खेमे ने अमेठी में राहुल गांधी को घेरने की विशेष योजना बनाई है।

तीन मई से वहां भाजपा की कई महिला नेता डेरा डाल देंगी। उमा भारती और हेमा मालिनी के भी कई कार्यक्रम तय किए गए हैं।

प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बताया, ‘मैं तीन दिन खुद अमेठी में रहूंगा। खुली जीप से प्रतिदिन 50 गांव जाऊंगा। लोगों के सामने अमेठी की बदहाली के मुद्दे उठाएंगे।

कहेंगे कि 60 साल शासन करने वाली कांग्रेस के उपाध्यक्ष के इलाके में अगर पेजयल की सुविधाएं नहीं है, बिजली व्यवस्था ठीक नहीं है, सड़कें दुरुस्त नहीं है तो इसके लिए राहुल ही दोषी हैं।

वह लोगों को आश्वस्त करेंगे कि भाजपा उम्मीदवार जीता तो पांच महीने में बिजली व पानी की व्यवस्था दुरुस्त करा दी जाएगी।

घर-घर तक पहुंचने की रणनीति

भाजपा ने काशी की धरती पर पूरी ताकत झोंक दी है। बूथवार और मतदाता सूची के प्रत्येक पृष्ठ के अनुसार रणनीति तैयार की गई है।

मतदान की तारीख 12 मई तक एक-एक परिवार तक कम से कम तीन-तीन बार संपर्क की योजना बनाई गई है।

प्रत्येक पांच मतदान केंद्र का एक सेक्टर बनाकर विश्वसनीय और प्रमुख लोगों को चुनावी समर के मोर्चे पर लगाने की रणनीति बनी है। सारे लोग मोदी के केंद्रीय चुनाव कार्यालय से जुड़े रहेंगे। दो मई से चुनाव संचालन की रोज समीक्षा होगी।

जानकारी के मुताबिक, वाराणसी में 1613 बूथ हैं। पार्टी ने प्रत्येक बूथ को फोकस करते हुए बूथ कमेटियां गठित कर ली हैं। इनके नाम और मोबाइल नंबर का डाटा तैयार कर लिया गया है।

सेक्टर प्रमुखों की बैठकें शुरू हो चुकी हैं। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी तीन बार इनकी समीक्षा कर चुके हैं। वाजपेयी के अनुसार, वह पांच से 12 मई तक लगातार वाराणसी और गोरखपुर में रहेंगे।

सूची के एक पेज पर दो कार्यकर्ता

घर-घर पहुंचने के लिए मतदाता सूची के प्रत्येक पन्ने पर दो कार्यकर्ताओं को लगाया गया है।

इन्हें पन्ना प्रमुख नाम दिया गया है। अमूमन एक पन्ने पर 20 से 50 परिवार तक के नाम होते हैं। ये मकान दोनों प्रमुखों में बांटकर जनसंपर्क की जिम्मेदारी दी गई है।

तय किया गया है कि पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता प्रत्येक घर पर मतदान तक कम से कम तीन बार संपर्क कर लें।

इन पन्ना प्रमुखों की प्रतिदिन बूथ कमेटियों के सदस्यों व प्रमुखों के साथ बैठकें शुरू की गई हैं। हर दूसरे दिन सेक्टर वार समीक्षा का फैसला किया गया है।
विज्ञापन

संवाद भी कराएंगे यह कार्यकर्ता

पन्ना प्रमुख न सिर्फ परिवारों से संपर्क करेंगे बल्कि मतदान के दिन अपनी जिम्मेदारी वाले घरों के सदस्यों को मतदान केंद्र तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी उठाएंगे।

अगर कहीं पार्टी के किसी नेता से बातचीत कराने की जरूरत पड़ेगी या किसी विशेष नेता या पदाधिकारी को गांव बुलाने की जरूरत महसूस हुई तो वह जिम्मेदारी भी ये कार्यकर्ता उठाएंगे।

साथ ही गांव के विकास संबंधी कामकाज के बारे में आश्वस्त करेंगे। मोदी के चुनाव संचालन समिति के सह संयोजक डॉ. बेचनलाल के मुताबिक  प्रशासन ने कुछ बूथ बढ़ाए हैं।

अब लगभग 1700 बूथ हो गए हैं। उसी लिहाज से चुनाव संचालन समिति, बूथ कमेटियों और पन्ना प्रमुखों की संख्या बढ़ाई जा रही है। बूथ कमेटियों की बैठकें शुरू हो गई हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें