प्रदेश सरकार ने ‘वेलेंटाइन डे’ 14 फरवरी को राज्य पर्यटन दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है। पहला पर्यटन दिवस राजधानी में ही मनाने का फैसला किया गया है। इसमें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी शामिल हो सकते हैं।
हर साल इस दिन सरकार अलग-अलग शहरों में समारोह करेगी। माना जाता है कि सरकार का यह फैसला वेलेंटाइन डे पर भगवा संगठनों द्वारा किए जाने वाले बवाल को भी कम करने में सहायक होगा। साथ ही वेलेंटाइन डे के बहाने अलग-अलग शहरों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
पिछले साल डिंपल के साथ ताजमहल गए थे अखिलेश
मुख्यमंत्री ने पिछले साल युवाओं से वेलेंटाइन डे को ‘ताज डे’ के रूप में मनाने की अपील की थी। वह परिवार सहित इस दिन खुद आगरा में थे।
उन्होंने ताजमहल के सामने बैठकर परिवार सहित फोटो भी खिंचवाई थी। पर्यटन महकमे ने मुख्यमंत्री की इस पहल को और बड़ा स्वरूप देते हुए इस दिन को ‘राज्य पर्यटन दिवस’ के रूप में मनाने का फैसला किया है।
प्रमुख सचिव पर्यटन एवं सूचना नवनीत सहगल का कहना है कि विश्व पर्यटन दिवस अपनी जगह है। वह 27 सितंबर को मनाया जाता है। इस पर कोई प्रतिबंध नहीं है कि कोई राज्य अपना पर्यटन दिवस अलग से न निर्धारित कर सके।
लखनऊ में इस तरह मनेगा पर्यटन दिवस
उन्होंने बताया कि पहला पर्यटन दिवस लखनऊ में मनेगा जबकि आने वाले वर्षों में इसे अलग-अलग शहरों में मनाया जाएगा। सहगल ने बताया कि सरकार चाहती है कि साल में एक दिन कुछ ऐसा हो जिसकी चर्चा पूरे दिन सूबे के पर्यटक स्थानों पर हो।
पहले राज्य पर्यटन दिवस पर 14 फरवरी को कई गतिविधियां आयोजित होंगी। पर्यटन को प्रोत्साहित करने वाली गतिविधियों में जनेश्वर मिश्र पार्क में ‘मेगा हॉट बैलून शो’ प्रस्तावित है।
इसमें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भी मौजूद रहने की संभावना है। इसके अलावा छतर मंजिल परिसर में एक सांस्कृतिक संध्या भी आयोजित होगी। पर्यटन महकमा इसके अलावा भी कई कार्यक्रमों के बारे में सोच रहा है।