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वैक्सीन की कमी से घटा टीकाकरण का ग्राफ, 18 से 44 वर्ष वालों को नहीं मिल पा रहा वैक्सीनेशन का टाइम स्लॉट

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कोरोना संक्रमण के बीच लोग वैक्सीन लगवाने के लिए लगातार पोर्टल पर पंजीकरण करा रहे हैं, मगर उन्हें टीका नहीं लग पा रहा है। सबसे अधिक निराश 18-44 उम्र वालों में हैं। एक मई से इस श्रेणी में टीकाकरण शुरू किया गया, मगर अभी तक उनके लिए पर्याप्त वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। नतीजा पंजीकरण के बाद भी टीका नहीं लग पा रहा है। बुधवार को 2755 वयस्कों को वैक्सीन लगी तो गुरुवार को यह नम्बर घटकर 2461 रह गया। अन्य श्रेणियों को मिलाकर कुल 10909 लोगों ने वैैक्सीन लगाई गई।
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शहर में कोरोना वैक्सीन की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। लोग लगातार पंजीकरण करा रहे हैं मगर उन्हें टीका लगवाने का स्लॉट नहीं मिल पा रहा है। इसका एक बड़ा कारण यह भी है कि 18 साल से अधिक आयु वालों को केवल सरकारी अस्पतालों में ही वैक्सीन लग रही है, जबकि निजी अस्पतालों को इससे अलग रखा गया है। गुरुवार को राजधानी में 84 सेंटरों पर टीके लगाए गए। 45 साल से अधिक आयु में टीकाकरण का प्रतिशत अधिक है। इसी को आधार बनाकर अफसर सरकार के सामने वैक्सीनेशन के सफल कार्यक्रम का दावा कर रहे हैं। बुजुर्ग व 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को सेंटर पर जाकर भी पंजीकरण कर वैक्सीन लगवाने की छूट है जबकि युवाओं को यह सुविधा नहीं मिल रही है। गुरुवार को 84 सेंटर बनाए गए थे, जिसमें 6215 पुरुषों व 4694 महिलाओं ने वैक्सीन लगवाई।
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