गोमती तट पर पंडित गोविंद वल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन में सजे उत्तरायणी कौथिग का बुधवार को
लखनऊ। गोमती तट पर पंडित गोविंद वल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन में 15 दिन से सजा उत्तरायणी कौथिग बुधवार को रजत जयंती वर्ष की स्मृतियों के साथ विदा हो गया। अंतिम दिन स्टार नाइट में गायिका हेमा नेगी करासी ने ''भगवान बद्रीविशाल स्तुति'' और ''जाग नंदा'' गीतों से भक्तिमय माहौल बनाया। फौजी ललित मोहन जोशी, राकेश खनवाल और हरू जोशी के गीतों पर श्रोता झूम उठे। लच्छू की प्रस्तुतियों ने पहाड़ की संस्कृति को जीवंत किया। पीसी पंत, एनके उपाध्याय, डॉ. आरसी पंत, डीडी नयाल, सुमन रावत, मंजू पडेलिया आदि मौजूद रहे।
सम्मान और पुरस्कारों की बरसात
कौथिग में समाज की विभूतियों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि विधायक ओपी श्रीवास्तव ने मेधावी छात्रों, वृद्ध दंपतियों और प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया। फुटबॉल खिलाड़ी हेमा पाठक सहित 25 विशिष्ट जनों को रजत जयंती अवार्ड दिया गया। महापरिषद के अध्यक्ष गणेश जोशी को बेस्ट अचीवर और महासचिव महेंद्र सिंह रावत को श्रेष्ठतम परिकल्पनाकार का सम्मान मिला। अंतिम दिन स्टॉलों पर खरीदारों की भीड़ उमड़ी।
गोमती तट पर पंडित गोविंद वल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन में सजे उत्तरायणी कौथिग का बुधवार को
गोमती तट पर पंडित गोविंद वल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन में सजे उत्तरायणी कौथिग का बुधवार को
गोमती तट पर पंडित गोविंद वल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन में सजे उत्तरायणी कौथिग का बुधवार को