बैठक में जानकारी देते उत्तराखंड महापरिषद के पदाधिकारी। स्रोत: स्वयं
लखनऊ। परंपराओं की महक, लोक धुनों की मिठास और पहाड़ों की संस्कृति का मनोहारी संगम… ऐसा नजारा देखने को मिलेगा नौ नवंबर से 18 नवंबर तक होने वाले दस दिवसीय उत्तराखंड महोत्सव में। बीरबल साहनी मार्ग सि्थत गोमती तट किनारे पंडित गोविंद बल्लभ पंत सांस्कृतिक उपवन में यह भव्य आयोजन होगा। जिसकी तैयारियों पर बृहस्पतिवार को मोहन सिंह बिष्ट सभागार में उत्तराखंड महापरिषद की बैठक हुई।
उत्तराखंड महापरिषद सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष हरीश चंद्र पंत ने बताया कि इस बार महोत्सव में 40 टीमें अपनी परंपरागत झोड़ा नृत्य की थाप पर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर देंगी। डांस उत्तराखंड डांस में 12 टीमें अपनी कला का जलवा बिखेरेंगी, जबकि नाचेगा भारत प्रतियोगिता में 15 टीमें धमाल मचाएंगी।
इस महोत्सव में दर्शकों को भारतीय लोक संस्कृति का अनुपम, रंग-बिरंगा और मनमोहक गुलदस्ता देखने को मिलेगा। बैठक में पूरन सिंह जीना, दिवान सिंह अधिकारी, पूरन चंद्र जोशी, पुष्पा वैष्णव और राधा बोरा समेत कई वरिष्ठ लोग मौजूद रहे।