चुनाव की तैयारियों की जानकारी देते अधिकारी
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लोकसभा चुनाव के पहले चरण में प्रदेश के 10 जिलों में मतदान के दौरान एक लाख पांच हजार पुलिसकर्मी कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे। इनमें 157 कंपनी अर्ध सैनिक बल व 35 कंपनी पीएसी शामिल है।
इसके अलावा 5329 सब इंस्पेक्टर, 5110 मुख्य आरक्षी, 29670 आरक्षी लगाए गए हैं। साथ ही सहायक बल के रूप में 39088 होमगार्ड, 951 पीआरडी और 5408 चौकीदार (ग्राम प्रहरि) भी लगाए गए हैं।
डीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार ने बताया कि पहले चरण के 10 जिलों में 130 जोन व 1308 सेक्टर बनाए हैं। यहां कुल 6,717 मतदान केंद्र हैं। इनमें से 1564 केंद्र संवेदनशील है। साथ ही बताया कि चुनाव घोषित होने के बाद से प्रदेश में अभी तक 14,399 अराजक तत्व चिह्नित किए हैं।
इनमें से 13,883 के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की गई है। तो आचार संहिता उल्लंघन के 171 संज्ञेय व 217 असंज्ञेय अपराध दर्ज किए गए हैं। साथ ही बताया कि पुलिसकर्मियों को बैलेट से मतदान के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके तहत रिटर्निंग ऑफिसर को 1,30,937 पुलिसकर्मियों का बैलेट पेपर जारी करने के लिए कहा गया है।
अभी तक 7506 अवैध हथियार व 10,267 कारतूस बरामद
आनंद कुमार ने बताया कि आचार संहिता लगने के बाद से अभी तक 7,506 अवैध हथियार और 10,267 कारतूस बरामद किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 6059.82 किलो बारूद और 4,132 बम भी जब्त किए गए हैं। वहीं अवैध हथियारों की 191 फैक्टरियों पकड़ी गई हैं। जबकि 22508 अपराधियों को जेल भेजा गया और 13,25,813 लोगों को पाबंद किया गया।
27.55 करोड़ कैश और 123 किलो सोना भी जब्त
अभी तक के अभियान में 27.55 करोड़ रुपये कैश, 123 किलो सोना, 295 किलो चांदी और 16.46 करोड़ रुपये का 13,998 किलो मादक पदार्थ भी बरामद किया गया है।
इसके अलावा 8,41,272 लीटर अवैध शराब भी जब्त की गई। जबकि वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव के दौरान महज पांच करोड़ और वर्ष 2014 के आम चुनाव में 12 करोड़ रुपये कैश बरामद किए गए थे।
कई नए प्रयोग भी कर रहा पुलिस महकमा
डीजी कानून व्यवस्था ने बताया कि पुलिस महकमा इस चुनाव में कुछ नए प्रयोग कर रहा है। इसके तहत सोशल मीडिया की निगरानी के लिए सोशल मीडिया कंप्लेंट सेल का गठन किया गया है। इस पर अब तक 171 शिकायतें मिली हैं, जिसका निस्तारण किया गया है।
इसके अलावा आम लोगों से संवाद बनाने के लिए सी प्लान नामक एप तैयार किया गया है। इस पर हर मतदान केंद्र के 10 संभ्रांत लोगों को जोड़ा गया। इस तरह प्रदेश के 75 जिलों से करीब 11 लाख लोगों को इस एप से जोड़ा जा चुका है। इन लोगों से जिला मुख्यालय, रेंज, जोन या पुलिस मुख्यालय संपर्क कर सकता है। इससे अफवाह रोकने व कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।