मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कमलेश तिवारी हत्याकांड में अपर मुख्य सचिव गृह और डीजीपी से रिपोर्ट मांगी है। वहीं उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी के घर पहुंचे। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने कमलेश तिवारी के दरवाजे पर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस आक्रोश के चलते शर्मा तिवारी के परिवार से भी नहीं मिल पाए।
डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परिवार की समुचित सुरक्षा का प्रबंध किया जा रहा है। एडीजी, आईजी ,कमिश्नर, डीएम भी तिवारी के घर पहुंचे। दूसरी ओर कमलेश तिवारी की पत्नी ने पुलिस को तहरीर दी है।
कमलेश तिवारी ने कई बार अपनी जान के खतरे की आशंका जताते हुए सुरक्षा की मांग की लेकिन राज्य सरकार से लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने इस बात को गंभीरता से नहीं लिया। सुरक्षा के नाम पर उनके घर पर सिर्फ एक दीवान मुसाफिर प्रसाद तैनात था जो वारदात के वक्त नीचे के हॉल में ही ऊंघ रहा था।
कमलेश को एक गनर गणेश प्रसाद राजभर भी मिला हुआ था जो लापरवाह था। अक्सर वह ड्यूटी से गायब रहता था। कमलेश के बुलाने पर ही वह आता था। शुक्रवार को उन्होंने गनर को दोपहर करीब एक बजे बुलाया था। हालांकि, उसके आने से पहले ही हत्या की वारदात हो गई।
कमलेश तिवारी की हत्या करने आए बदमाश जिस मिठाई के डिब्बे में पिस्टल-चाकू छिपाकर लाए थे, वह गुजरात के सूरत का है। यह डिब्बा सूरत के उद्योग नगर उधना स्थित धरती फूड्स प्राइवेट लिमिटेड का था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मौके से एक रसीद मिली है जो बुधवार रात करीब साढ़े नौ बजे पिस्ता घड़ी मिठाई खरीदने की है।
उक्त मिठाई की कीमत 680 रुपये प्रति किलो थी लेकिन बिल सिर्फ 500 रुपये का है। बिल का भुगतान नकद रुपये में किया गया था। सूरत से दो दिन पहले खरीदी गई मिठाई के डिब्बे में पिस्टल-कारतूस छिपाकर लाने से हत्या का कनेक्शन आईएसआईएस से जोड़ा जा रहा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि गुजरात में पकड़े गए आईएसआईएस के आतंकी उबैद मिर्जा और कासिम सिंबरवाला ने कमलेश को मारने की धमकी दी थी। मिठाई का डिब्बा भी गुजरात के सूरत का ही है। कहीं ऐसा तो नहीं कमलेश को आईएसआईएस से जुड़े लोगों ने ही मारा हो।
बदमाशों ने कमलेश से मिलने के लिए फोन करके समय मांगा था। सौराष्ट्रजीत सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार रात करीब 12.30 किसी का फोन आया था। उसने मिलने के लिए कहा लेकिन कमलेश तिवारी ने काफी रात होने की बात कहते हुए मना कर दिया। सुबह उक्त व्यक्ति ने फिर से फोन करके मिलने के लिए समय मांगा तो कमलेश ने उन्हें ऑफिस आने को कहा। पुलिस को कमलेश के मोबाइल फोन से संदिग्धों के मोबाइल नंबर मिल गए हैं। उक्त लोग कौन थे? क्या चाहते थे? पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है।