गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से हुई बच्चों की मौतों के मामले में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी हाई पावर कमेटी की सिफारिशों पर प्रदेश सरकार पांच दिन के भीतर एक्शन लेगी।
सरकार ने बुधवार को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में पांच दिन का वक्त मांगा। साथ ही कहा कि 28 अगस्त तक वह अपनी पूरी एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश कर देगी। अदालत ने सरकार को समय देते हुए 28 अगस्त को ही अगली सुनवाई रखी है।
जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस दयाशंकर त्रिपाठी ने यह आदेश दिलीप कुमार वर्मा व अन्य की ओर से दायर याचिका पर दिए। याचिका में मामले की हाईकोर्ट के जज से न्यायिक जांच या फिर सीबीआई से जांच कराए जाने की गुजारिश की गई है।
यही नहीं पिछले पांच साल में सरकारी अस्पतालों में दवाओं और उपकरणों की आपूर्ति की जानकारी देने, सभी सरकारी अस्पतालों में दवाओं, उपकरणों व ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करवाने, और सरकार द्वारा करवाई जा रही जांच की रिपोर्ट में जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की भी गुजारिश की गई। साथ ही जिन बच्चों व लोगों की इस घटना में मौत हुई है, उनके परिवारीजनों को मुआवजा देने और मुआवजा की रकम दोषियों से वसूलने की भी दरख्वास्त की गई है।