उत्तर प्रदेश में नए निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए अलग अलग अधिनियम से निजी विश्वविद्यालय स्थापना की प्रक्रिया को समाप्त कर उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम बनाया जाएगा।
उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक सिन्हा ने बताया कि द उत्तर प्रदेश प्राइवेट यूनिवर्सिटीज बिल 2018 के अधीन स्थापित सभी निजी विश्वविद्यालयों और जनता के सुझाव मांगे गए हैं। प्रस्तावित बिल का प्रारूप वेबसाइट पर अपलोड होने और समाचार पत्रों में प्रकाशित होने के एक माह में सुझाव लिए जाएंगे।
आलोक सिन्हा के अनुसार, नए अधिनियम के तहत निजी विश्वविद्यालयों के आने वाले प्रस्तावों का परीक्षण करने के लिए एक समिति बनेगी। इस समिति में राज्य विश्वविद्यालय के एक वीसी, एक प्रोफेसर, उच्च शिक्षा व न्याय विभाग के विशेष सचिव, वित्त एवं लेखा के एक अधिकारी, एडीएम, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता व रजिस्ट्रार शामिल होंगे।
आपको बता दें कि अभी प्रदेश में निजी विश्वविद्यालयों के लिए अलग-अलग 27 कानून हैं। इन सब कानूनों को खत्म कर एक अधिनियम बनाया जाएगा।