नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि स्ववित्त पोषित माध्यमिक विद्यालयों को उचित धारा के तहत मान्यता देने के मामले में सरकार कदम उठा रही है। श्रेय लेने की होड़ मची है, इसलिए धरना-प्रदर्शन की बात की जा रही है। शिक्षामित्रों की समस्या के लिए सपा सरकार की गलत नीतियां जिम्मेदार हैं।
वित्तविहीन शिक्षकों के लिए मानदेय की व्यवस्था सपा सरकार ने अपने आखिरी वर्ष में सिर्फ एक साल के लिए की थी। वर्तमान सरकार आर्थिक संसाधनों को देखते हुए उचित निर्णय लेगी। सरकार शेष तदर्थ शिक्षकों को भी जल्द ही स्थायी करेगी। नेता सदन के जवाब से सपा सदस्य संतुष्ट नहीं हुए और सदन से बाहर चले गए।