विभाग ने वर्ष 2019-20 में 10 करोड़ रुपये की लागत से 250 संस्थाओं और 70 हजार बुनकर-कातिनों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा है। 2020-21 में 400 संस्थाओं के 1.35 लाख बुनकर-कातिनों को लाभान्वित करने की योजना है। चालू वित्तीय वर्ष में 1000 और अगले वित्तीय वर्ष में 2000 बुनकर-कातिनों को चरखे वितरित किए जाएंगे।
बिल्हौर में बनेगा खादी पार्क
कानपुर के बिल्हौर में 18.23 करोड़ रुपये की लागत से 46 एकड़ में खादी पार्क बनेगा। इसमें खादी की कताई, बुनाई, सिलाई, पैकेजिंग, आधुनिक डिजाइन के वस्त्र उत्पादों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनसे जुड़ी संस्थाओं को ढांचागत सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी।
गुणवत्ता पर रहेगा फोकस
प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने बताया कि लखनऊ और गोरखपुर स्थित खादी की गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला में सभी इकाइयों के उत्पादों की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इसके बाद ही उन्हें ब्रांडिंग के लिए चयनित उत्पादों में शामिल किया जाएगा।