मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जो लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे वो भी पूरे कार्यक्रम को अच्छे से देख पाएंगे। इसलिए मायूस होने की आवश्यक्ता नहीं है।
मुख्यमंत्री योगी ने बैठक में संतों से स्पष्ट कहा कि कोरोना महामारी के कारण अगर कोई भूमि पूजन के कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए तो वे बुरा न मानें। कार्यक्रम के दौरान इसका प्रसारण एलईडी टीवी के माध्यम से लाइव दिखाया जाएगा।
साधू संतों के साथ योगी आदित्यनाथ की बैठक में कई बिंदुओं पर चर्चा हुई। इस दौरान कोरोना महामारी के मद्देनजर सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह से ध्यान रखा गया।
हनुमानगढ़ी में पूजा अर्चना के बाद सीएम कारसेवकपुरम पहुंचे। यहां उन्होंने तराशे गए पत्थरों का जायजा लिया। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सीएम को सारी जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि मंदिर निर्माण में इन पत्थरों की क्या उपयोगिता रहेगी।
भूमि पूजन के कार्यक्रम में कोरोना महामारी को लेकर बेहद सतर्कता बरती जाएगी। इसे लेकर भी योगी आदित्यनाथ लगातार संबंधिक अधिकारियों से जानकारी ले रहे हैं।
मालूम हो कि पांच अगस्त को अयोध्या को पूरी तरह से दिपकों से प्रज्वलित कर भूमि पूजन के कार्यक्रम को लेकर लोग खुशियां मनाएंगे।
मंदिर के एक पुजारी ने बताया कि पूजा अर्चना के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने कोरोना महामारी के कारण राममंदिर निर्माण में कोई दिक्कत न आए इसके लिए प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री योगी के दौरे को लेकर साधुओं का कहना है कि सीएम के माध्यम से हमने प्रधानमंत्री को संदेश दिया है कि वो भी जल्द से जल्द अयोध्या आएं।
हनुमानगढ़ी में पांच मिनट तक पूजा अर्चना करने के बाद सीएम योगी ने मंदिर में संतों के साथ मुलाकात की और इसके बाद वे कारसेवकपुरम के लिए रवाना हुए।
हनुमानगढ़ी की 85 सीढियां चढ़ने के बाद सीएम योगी दर्शन के लिए मंदिर के अंदर पहुंचे और पुजारियों के साथ मिलकर आरती की।
मालूम हो कि कोरोना संक्रमण के मामले प्रदेश में लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इस बीच मुख्यमंत्री के इस दौरे के दौरान भी सभी लोग एहतीयात बरतते नजर आए।
कारसेवकपुरम वही जगह है जहां पर पत्थरों को तराशने का काम किया जा रहा है। राम मंदिर निर्माण के लिए प्रयोग किए जाने वाले पत्थर यहीं खूबसूरत रूप ले रहे हैं।
हनुमानगढ़ी में पूजा अर्चना के बाद सीएम कारसेवकपुरम जाएंगे और वहां संतों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में पांच अगस्त को होने वाले कार्यक्रम को लेकर चर्चा की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों और स्थानीय प्रबंधन के साथ बैठक की और पूरे कार्यक्रम की बारीकी से जानकारी ली।
मालूम हो कि आगामी पांच अगस्त को राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन की तिथि तय की गई है। भूमि पूजन के लिए प्रधानमंत्री मोदी अयोध्या पहुंचेंगे। इस दौरान अयोध्या में दीपकों से सजाकर उनका स्वागत किया जाएगा।
मंदिर में सिर्फ उन्हीं लोगों को प्रवेश दिया जा रहा है जिनका नाम सूची में है। आम लोगों को फिलहाल मंदिर के अंदर जाने की अनुमति नहीं है।
रामलला के दर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री योगी हनुमानगढ़ी पहुंचे। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने आम लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित रखी है। योगी जब भी अयोध्या जाते हैं, वो हनुमानगढ़ी जरूर जाते हैं।
आज योगी आदित्यनाथ कारसेवकपुरम में संतों के साथ बैठक भी करेंगे। आज की तारीख मिला कर देखा जाए तो योगी 20वीं बार अयोध्या आए हैं।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों से इस बात की भी जानकारी ली कि कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से किन बातों का ध्यान रखा जाएगा।
आगामी पांच अगस्त को राम मंदिर के लिए भूमि पूजन होना है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी आएंगे। इसे लेकर किस प्रकार की तैयारियां हैं, इसकी भी जानकारी मुख्यमंत्री योगी को दी गई। संबंधित अधिकारियों ने उन्हें पूरी जानकारी दी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इससे पहले 28 जून को अयोध्या आए थे। योगी जब भी अयोध्या आते हैं हनुमानगढ़ी के दर्शन जरूर करते हैं।
उन्हें राम मंदिर का नक्शा दिखाया गया और निर्माण कार्य से जुड़ी तमाम जानकारियां दी गई। जो लोग राम मंदिर के निर्माण का कार्य देख रहे हैं उनके लिए मंदिर परिसर में अस्थाई टेंट लगाए गए हैं।
मंदिर की तैयारियों का जायजा लेने के बाद सीएम योगी हनुमानगढ़ी जाएंगे। वहां पहले से ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षाकर्मी पूरी तरह सतर्क हैं।
मुख्यमंत्री ने राम मंदिर निर्माण की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान जिला प्रशासन के अधिकारी व ट्रस्ट के लोग भी मौजूद रहे। इस दौरान केवल मंदिर से संबंधित लोगों को ही वहां उपस्थित रहने की इजाजत थी।
इस दौरान मुख्य सचिव अवनीश अवस्थि भी मुख्यमंत्री योगी के साथ नजर आए। मंदिर में उन्होंने पुजारियों के साथ बातचीत की। सीएम योगी अपने साथ छत्र और आसान लेकर आये थे।
मंदिर पहुंचते ही मुख्यमंत्री योगी ने सबसे पहले रामलला के दर्शन कर उनकी आरती की। इस दौरान ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और मुख्य पुजारी आचार्य सतेंद्र भी मौजूद रहे।
फूल माला पहना कर किया गया सम्मानित
मुख्यमंत्री के पहुंचने से पहले मंदिर परिसर को अच्छी तरह सैनिटाइज किया गया। मुख्य पुजारी ने उन्हें फूल माला पहनाकर सम्मानित किया जिसके बाद आरती शुरू हुई।