क्या महिलाएं काम नहीं करतीं? जनगणना- 2011 में आए काम में भागीदारी के आंकड़े यह सवाल खड़ा कर रहे हैं।
यूपी के जिलेवार आंकड़ों के मुताबिक लखनऊ सहित कई जनपदों में 90 प्रतिशत तक महिलाएं काम नहीं करतीं।
वहीं महिलाओं के लिए काम कर रहीं समाजसेवी संस्थाएं इन आंकड़ों केबाद सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठा रही हैं। जनगणना- 2011 में जारी जिलेवार नेशनल हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट में यह हकीकत सामने आई है।
कामगारों की स्थिति जानने के लिए यह सर्वेक्षण 15 साल से ऊपर की उम्र वाले महिला व पुरुषों पर किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी में कुल जनसंख्या की काम में भागीदारी केवल 39.8 प्रतिशत ही है।
इसमें कुल महिलाओं का 6.5 प्रतिशत ही काम में हाथ बंटा रहा है। आंकड़ों पर यकीन करें तो 93.5 प्रतिशत महिलाएं काम ही नहीं करतीं।
हालांकि, काम करने वाले पुरुषों में यह आंकड़ा 72.2 प्रतिशत है। लखनऊ जनपद पुरुषों के आंकड़े में यूपी के औसत से पिछड़ा है।
जहां यूपी का कामकाजी पुरुषों में औसत 72.2 प्रतिशत है। वहीं लखनऊ में यह 71.2 प्रतिशत पर ही पहुंचा।
महिलाओं के मामले में स्थिति जरूर बेहतर रही। महिलाओं के कामकाजी होने केमामले में सोनभद्र ने लखनऊ को आईना दिखा दिया।
रिपोर्ट के आंकड़े खुद यह बात कहते हैं। सोनभद्र में 19.9 प्रतिशत महिलाएं काम में हाथ बंटा रही हैं।
वहीं लखनऊ से आगे 13.5 प्रतिशत के साथ ललितपुर, 12 प्रतिशत के साथ कौशांबी रहे हैं।