सीएम ने उच्चस्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा की।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड-19 के गंभीर रोगियों के उपचार में प्लाज्मा थेरेपी का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही रैपिड एंटीजन टेस्ट की संख्या में वृद्धि करने को कहा है। उन्होंने कहा है कि कोरोना के प्रसार को रोकने में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह कार्य अत्यंत सावधानी व धैर्य के साथ किया जाए।
एल-2 तथा एल-3 कोविड अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाई जाए। कोविड अस्पतालों में सभी वेंटिलेटरों को क्रियाशील रखा जाए। मुख्यमंत्री बुधवार को अपने आवास पर उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य की 23 करोड़ जनता को प्रभावी चिकित्सा सुविधाएं देने का कार्य कर रही है।
एल-1, एल-2 तथा एल-3 श्रेणी के कोविड अस्पतालों के माध्यम से कोरोना संक्रमित लोगों के उपचार की बेहतर व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि संक्रमण के प्रसार पर नियंत्रण के लिए कंटेनमेंट जोन में प्रतिबंधों का सख्ती से पालन कराया जाए। कंटेनमेंट जोन में लोगों को आवश्यक सामग्री की उपलब्धता में असुविधा न हो।
कानपुर जाकर समीक्षा करें एसीएस चिकित्सा शिक्षा
विभिन्न कार्यालयों व संस्थानों में बनी कोविड हेल्प डेस्क में पल्स ऑक्सीमीटर, इन्फ्रारेड थर्मामीटर व सैनिटाइजर की उपलब्धता रहे। बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह, स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग, मुख्य सचिव आरके तिवारी उपस्थित रहे।
सीएम ने अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा को निर्देश दिए कि वह कानपुर नगर में कोविड-19 के उपचार की व्यवस्थाओं की मौके पर जाकर समीक्षा करें। उन्हें और प्रभावी बनाने के लिए रणनीति तय करें। नॉन कोविड अस्पतालों में मरीजों की पल्स ऑक्सीमीटर से नियमित जांच की जाए। जिला स्तर पर चिकित्सा सुविधाएं बेहतर बनाने के लिए सभी डीएम व सीएमओ अपने जिलों में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों व नर्सिंग होम संचालकों के साथ बैठक कर कार्ययोजना बनाएं।
उपचारित रोगियों की केस हिस्ट्री का अध्ययन करें
योगी ने कहा कि प्रदेश में कोविड-19 से संक्रमित हुए नवजात शिशु से लेकर वृद्धों तक का सफल इलाज किया गया है। ऐसे उपचारित रोगियों की केस हिस्ट्री का अध्ययन करते हुए देखा जाए कि उनका सफल उपचार किस प्रकार और किन स्थितियों में हुआ।
होम आइसोलेशन वाले 18001805146 पर दें स्वास्थ्य की जानकारी
होम आइसोलेशन में रहने वाले लक्षण विहीन कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने टोल फ्री नंबर 18001805146 जारी किया है। होम आइसोलेशन के सभी मरीजों को इसी नंबर पर रोजाना अपने स्वास्थ्य की जानकारी देनी होगी। वहीं, स्वास्थ्य विभाग प्रदेश के बड़े शहरों में एंटीजन टेस्टिंग सेंटर बनाने जा रहा है। वहां लैब टेक्नीशियन लोगों का रैपिड एंटीजन टेस्ट करेंगे। यदि किसी में कोरोना का संक्रमण पाया जाता है तो तुरंत उसका नमूना जांच के लिए आरटीपीसीआर लैब भेजा जाएगा।