आयोग ने भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रियागत विसंगतियों को दूर करने के लिए सरकार को कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए हैं। मसलन, सेवा नियमावलियों में समान पदों के लिए समान अर्हताएं होनी चाहिए।
अधिकारी ने बताया कि ग्राम विकास अधिकारी पद के लिए लिखित परीक्षा के अलावा लंबी कूद, दौड़ व साइक्लिंग शामिल है, जबकि इसी ग्रेड पे व अर्हता वाली ग्राम पंचायत अधिकारी, वीडीओ समाज कल्याण आदि पदों में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है।
इन सभी की अर्हता एक समान तय की जा सकती है। इससे इन सभी विभागों की रिक्तियों से जुड़ी भर्ती एक साथ की जा सकेगी। ‘अमर उजाला’ इस गंभीर विसंगति को पूर्व में उठा चुका है। आयोग ने अब इसका संज्ञान ले लिया है।
विभाग पदों के लिए अर्हता तय करते समय डिग्री या डिप्लोमा के साथ समकक्ष लिख देते हैं, मगर यह नहीं बताते कि किन-किन संस्थाओं द्वारा जारी डिग्री या डिप्लोमा प्रमाणपत्र समकक्ष होंगे। इसका असर ये हुआ कि सीसीसी प्रमाणपत्र की योग्यता होने के बावजूद बीटेक व एमटेक उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन करने लगे। आयोग का कहना है कि इन सुझावों पर अमल से भर्ती प्रक्रिया आसान और पारदर्शी होगी।