रायबरेली। जिले के सरेनी सीएचसी परिसर में अधीक्षक द्वारा सफाईकर्मी को पीटने पर जमकर हंगामा हुआ। पीड़ित स्वीपर का आरोप है कि शराब लाने से इंकार करने पर नाराज अधीक्षक ने उसे लात-घूंसों से पीटा। पीड़ित ने इसकी शिकायत सीएमओ से करते हुए खुद का तबादला किसी दूसरे अस्पताल में कराने व आरोपी अधीक्षक पर दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है।
उधर, इस मामले को लेकर चतुर्थश्रेणी कर्मचारी संघ ने भी मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारी संघ ने सीएमओ को ज्ञापन देकर चेतावनी दी है कि जल्दी आरोपी अधीक्षक पर कार्रवाई न हुई तो कर्मचारी कामकाज ठप कर विरोध प्रदर्शन को विवश होंगे। सीएमओ को दिए शिकायती पत्र में सरेनी सीएचसी पर तैनात स्वीपर बाबूराम ने बताया कि सीएचसी परिसर में सफाई कर रहा था। तभी अधीक्षक आए और ठीक से सफाई न करने का आरोप लगाते हुए उसे पीटने लगे। बचने के लिए भागा तो दौड़ाकर लात-घूंसों से पीटा। पीड़ित का कहना है कि अधीक्षक उससे शराब लाने के लिए कहते थे। इसका विरोध करने पर ही काम काज में लापरवाही बरतने का झूठा आरोप लगाते हुए उसकी पिटाई कर दी। स्वीपर को सेवानिवृत होने में मात्र आठ माह बचे हैं। सीएमओ डॉ. नवीन चंद्रा ने बताया कि सरेनी सीएचसी के अधीक्षक के खिलाफ मारपीट करने की शिकायत सफाईकर्मी ने की है। पीड़ित की शिकायत पर मामले की जांच के लिए एसीएमओ डॉ. श्रीकृष्ण, डॉ. अरुण कुमार और जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डीएस अस्थाना की तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय होगी।