संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का एक अजीबो-गरीब आदेश शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। प्रशासनिक अधिकारी के हस्ताक्षर से जारी वायरल आदेश में एम्स में परिवार के साथ रह रहे नर्सिंग स्टाफ को छात्रावास खाली करने का आदेश दिया गया है। नर्सिंग स्टाफ को एचआरए लेकर बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
एम्स के प्रशासनिक अधिकारी केबीवाई सिंह के हस्ताक्षर से 16 अक्तूबर 2024 का जारी आदेश शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। आदेश में कहा गया है कि जैसा कि यह देखा गया है कि एच-6 और एच-8 छात्रावासों में अधिकांश निवासी उच्च उपभोग योग्य विद्युत उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं। जो विद्युत केबल पर भारी भार डाल सकते हैं। विद्युत सर्किट को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
एकल कमरों के अंदर एलपीजी स्टोव का उपयोग करना भी सुरक्षित नहीं है। उपरोक्त तथ्यों को ध्यान में रखते हुए निवारक उपाय अपनाने की आवश्यकता है। इसलिए इस संस्थान के सक्षम प्राधिकारी ने निर्णय लिया है कि छात्रावास में परिवार के आवास को प्रतिबंधित करें। जो नर्सिंगकर्मी अपने परिवार के सदस्यों के साथ छात्रावास में रह रहे हैं, वे अपने कमरे खाली कर देंगे। वे बाहर रह सकते हैं और नियम के अनुसार अपने एचआरए का दावा कर सकते हैं।
आदेश में यह भी कहा गया है कि छात्रावास के कमरों के अंदर किसी भी प्रकार की खाना पकाने की गतिविधियों को प्रतिबंधित करें। दैनिक जीवन की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए निवासियों को केवल इलेक्ट्रिक आयरन, हेयर स्ट्रेटनर, इलेक्ट्रिक केतली का उपयोग करने की अनुमति दी जा सकती है।
उन सभी निवासियों को सलाह दी जाती है जो अपने परिवार के सदस्यों के साथ छात्रावास में रह रहे हैं। ऐसे कार्यालय ज्ञापन जारी होने के एक महीने के भीतर अपने छात्रावास के कमरे खाली कर दें। यह कार्यकारी निदेशक के अनुमोदन से जारी किया गया है। मामले में प्रशासनिक अधिकारी का कहना है कि प्रबंधन के अनुमोदन के बाद आदेश जारी किया गया है। बयान संबंधित जिम्मेदार अधिकारी से ले सकते हैं।