लखनऊ। सड़क हादसे में घायल युवक की बृहस्पतिवार सुबह निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। अस्पताल के बाहर सड़क पर जाम लगा दिया। अस्पताल के स्टाफ के साथ हाथापाई भी हुई। घटना की सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर मड़ियांव फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया।
सीतापुर के ग्राम गरौली निवासी शिवाजी पांडेय (25) लखनऊ के अलीगंज के ज्ञानी आइस पॉर्लर में काम करते थे। 27 जुलाई को वह हसनापुर, बिसवां सीतापुर निवासी जीजा दिलीप तिवारी के घर कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। रात करीब 9:30 बजे बाइक से लौटते वक्त उनकी बाइक की कदुनी, सिधौली रोड पर हाफ डाले से टक्कर हो गई। शिवाजी के दाएं हाथ में काफी चोट आई।
परिजन व पुलिस ने उन्हें कसमंडा हॉस्पिटल ले गए, जहां से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि दो दिन तक शिवाजी स्ट्रेचर पर तड़पते रहे, लेकिन मुकम्मल इलाज नहीं मिला। इस पर बुधवार देर रात 3:15 बजे सीतापुर रोड योजना सेक्टर-बी स्थित सैन्योर अस्पताल में भर्ती कराया।
परिजनों का कहना था कि डॉक्टर ने हाथ काटने के बाद मरीज के स्वस्थ होने का आश्वासन दिया। हालांकि, बृहस्पतिवार सुबह 9:30 बजे शिवाजी की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर करीब चार घंटे तक हंगामा-प्रदर्शन किया।
शिवाजी के परिजनों और अस्पताल प्रबंधन ने एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया है। अस्पताल प्रबंधन का आरोप है कि मारपीट में स्टाफ अनुपमा व गुड्डी चोटिल हो गई। इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्रा का कहना है कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सीएमओ को जांच के लिए पत्र भेजा जा रहा है। वहां की रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई होगी।
कोट्स
इलाज में लापरवाही के आरोप बेबुनियाद हैं। हाथ में लगी चोट का इंफेक्शन शरीर में फैलने से मौत हुई है। इलाज के लिए जमा कराए गए 65 हजार रुपये भी वापस कर दिए गए हैं।
- जीएस तिवारी, पीआरओ, सैन्योर अस्पताल