उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा लागू आरक्षण के नए नियमों को लेकर जारी बवाल अभी थमने का नाम नहीं ले रहा।
गुरुवार को मुख्यमंत्री के सामने पेशी के बाद आज आयोग के अध्यक्ष अनिल यादव को प्रमुख सचिव जावेद उस्मानी ने तलब कर खरी-खोटी सुनाई।
आयोग के सचिव अनिल कुमार यादव को कल मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद ही हटा दिया गया था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 22 जुलाई को पीसीएस इंटरव्यू पर रोक लगा दी थी। खबर आ रही है कि यूपी का कार्मिक विभाग इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जा सकता है।
छात्रों के जबदस्त विरोध को देखते हुए यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि यह भर्ती प्रक्रिया निरस्त हो सकती है।
इस पूरे घटनाक्रम पर सपा आलाकमान भी नाराज बताया जा रहा है। गौरतलब है छात्रों ने इस आरक्षण के खिलाफ सरकार को ढेरों पत्र भेजे थे।
छात्रों का मानना है कि आंदोलन के बारे में सरकार को भेजे गए पत्रों के कारण ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अध्यक्ष को तलब किया है।
छात्रों में उम्मीद बढ़ी है कि सरकार आयोग के फैसले को वापस ले सकती है। आयोग में नए सचिव के रूप में एके सिंह की तैनाती ने यह उम्मीदें और बढ़ा दीं।