विपक्ष के भारी विरोध के बीच बुधवार को आखिरकार उत्तर प्रदेश संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक (यूपीकोका)- 2017 यूपी विधान परिषद में भी पास हो गया। विधानसभा में इसे मंगलवार को ही पास करवा लिया गया था। अब इसके कानून बनने का रास्ता साफ हो गया है।
विधेयक को अब राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राज्यपाल इसे अनुमति के लिए राष्ट्रपति को संदर्भित करेंगे। राष्ट्रपति की अनुमति के बाद यूपीकोका कानून प्रभावी हो जाएगा।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि यूपीकोका समय व परिस्थितियों की मांग है। सरकार अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए प्रतिबद्घ है। यूपीकोका प्रदेश की जनता की सुरक्षा करने और संगठित अपराधों पर अंकुश लगाने का कारगर जरिया बनेगा।
वहीं, विपक्ष ने ये कहकर लगातार इसका विरोध किया कि सत्तापक्ष बहुमत का दुरूपयोग कर संविधान और लोकतंत्र विरोधी काम कर रहा है। सपा, बसपा व कांग्रेस ने यूपीकोका को लोकतंत्र और संविधान का गला घोंटने वाला और इसके राजनीतिक दुरूपयोग की आशंका जताते हुए इसे प्रवर समिति को भेजने की मांग की थी।