यूपी विधानसभा में मंगलवार को यूपीकोका कानून ध्वनिमत से परित हो गया। विधानसभा में यूपीकोका कानून पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस हुई। सरकार की तरफ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिल को सदन में पेश किया।
उन्होंने कहा कि अपराध की प्रवृति और दायरा बढ़ने के साथ-साथ संगठित अपराध नियंत्रण की आवश्यकता भी बढ़ती जा रही है। प्रदेश की सीमाएं खुली हैं और इन सीमाओं को देखते हुए आवश्यकता है कि आम जनमानस को सुरक्षा की गारंटी दे सकें।
वहीं, विपक्ष की तरफ से नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने इस बिल को गैरजरूरी बताते हुए इसका विरोध किया। सरकार के दावे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब प्रदेश में अपराध नियंत्रित हो चुके हैं, तो इस बिल को दोबारा सदन में पेश करने की क्या आवश्यकता है।
बताते चलें कि 21 दिसंबर 2017 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार विधानसभा में यूपीकोका कानून पेश किया था, लेकिन विधान परिषद से इसे मंजूरी न मिलने के कारण यह पास नहीं हो सका था।