लंबे समय से बंद थे दोनों चिड़ियाघर।
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वन विभाग ने गोरखपुर और कानपुर के चिड़ियाघर 8 जुलाई से पुन: खोलने का निर्णय लिया है। बर्ड फ्लू के चलते ये दोनों चिड़ियाघर काफी समय से बंद चल रहे थे। अब यहां बर्ड फ्लू का कोई खतरा नहीं बताया जा रहा है। करीब 56 दिन बाद मंगलवार से चिड़ियाघर एक बार फिर से दर्शकों के लिए खोला जा रहा है। सूचना के अनुसार भोपाल की लैब में भेजे गए सैंपल्स की तीसरी रिपेार्ट भी निगेटिव आने के बाद चिड़ियाघर को मंगलवार से खोलने का फैसला लिया गया है।
कानपुर चिड़ियाघर में गोरखपुर से आए शेर पटौदी की मौत के बाद उसके सैंपल में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। उसके बाद से कानपुर और गोरखपुर दोनों जू बंद कर दिए गए थे। एहतियात के तौर पर लखनऊ जू भी कुछ समय के लिए बंद कर दिया था।
बाद में लखनऊ सहित कुछ दूसरे जू खोल दिए गए लेकिन लखनऊ और कानपुर के जू नहीं खोले गए। इस बीच, भोपाल स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिज़ीज से सैंपल्स की तीसरी रिपोर्ट भी निगेटिव प्राप्त हुई, जिसकी जानकारी शासन को भेजी गई थी। इसके बाद से जू खोलने का फैसला हुआ।
एक मोर की भी हुई थी मौत
गोरखपुर चिड़ियाघर से शेर पटौदी को इलाज के लिए शहर के चिड़ियाघर भेजा गया था। उसे बर्ड फ्लू का संक्रमण होने के बाद चिड़ियाघर को रेड जोन घोषित कर 13 मई को बंद कर दिया गया था। पहले शेर पटौदी और बाद में एक मोर की बर्ड फ्लू से मौत हो गई थी।