अब सरकार ने पांच नए पारंपरिक ट्रेड भी जोड़े
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा की जयंती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस का यह अवसर अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पिछले सात-आठ वर्षों में छह लाख से अधिक हस्तशिल्पियों और कारीगरों को 15 हजार रुपये तक की टूलकिट के साथ दस दिन का प्रशिक्षण दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव का त्रिशूल, इंद्र का वज्र और श्रीकृष्ण का सुदर्शन चक्र भी भगवान विश्वकर्मा की शिल्पकला से जुड़े उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि पहले विकसित भारत में कारीगर उद्यमी था और हस्तशिल्पी आत्मनिर्भर था।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने गरीबी और पैसे का हवाला देकर कारीगरों को सुविधाओं से वंचित रखा। उनके पास हुनर और कारीगरी थी, लेकिन बाजार उनसे दूर कर दिया गया। बैंकिंग व्यवस्था से उन्हें दूर रखा गया और डिजाइन तथा तकनीक की बदलती मांग के अनुरूप उन्हें आगे बढ़ने का अवसर नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि इसका परिणाम यह हुआ कि जो कारीगर कभी उद्यमी हुआ करता था, वह श्रमिक बनने को मजबूर हो गए। वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री बनने पर उन्होंने प्रदेश के कारीगरों की स्थिति को लेकर चिंता जताई। हस्तशिल्पी और कारीगर भ्रष्टाचार और अराजकता के कारण प्रदेश से बाहर जाने को मजबूर थे।
कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम युवा उद्यमी योजना में युवाओं को पांच लाख तक का ब्याजमुक्त और गारंटीमुक्त ऋण दिया जा रहा है, जबकि कारीगरों के लिए इसकी सीमा 10 लाख तक की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 25 सितंबर से 29 सितंबर तक हर जनपद में टूलकिट वितरण के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश बीमारू नहीं था, बल्कि इसे संचालित करने वाले राजनेताओं की मानसिकता बीमारू थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर में उत्तर प्रदेश ट्रेड शो आयोजित किया जा रहा है। इसमें ढाई हजार से अधिक एग्जिबिटर्स भाग लेंगे और साढ़े छह सौ से अधिक फॉरेन बायर्स भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका मानना है कि ट्रेड शो में 12 हजार करोड़ से 15 हजार करोड़ तक का टर्नओवर हो सकता है।
इस अवसर पर, उत्तर प्रदेश सरकार में सूक्ष्म लघु मध्यम उद्यम विभाग के मंत्री भूपेंद्र चौधरी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास के आयुक्त दीपक कुमार, प्रमुख सचिव सूक्ष्म लघु मध्यम उद्यम विभाग शशि भूषण लाल सुशील आदि थे।