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यूपी: योगी बोले- सैफई महोत्सव और बर्मिंघम की बग्गी में उलझीं सरकारों के पास कारीगरों के लिए नहीं थी फुर्सत

Thu, 17 Sep 2026 09:13 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सरकार कारीगरों को प्रशिक्षण, टूलकिट, ऋण और बाजार उपलब्ध करा रही है। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत लाखों कारीगर लाभान्वित हुए हैं। नए पारंपरिक और आधुनिक ट्रेड जोड़कर रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया।
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टूलकिट वितरण करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व साथ मे मंत्री भूपेंद्र चौधरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेला-2026 के अवसर पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में प्रदर्शनी एवं मार्जिन मनी ऋण पोर्टल की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि जब सरकारों को सैफई में महोत्सव कर मुंबई से डांस कराने और बर्मिंघम की बग्गी लाकर अपना जन्मदिन मनाने से फुर्सत न हो, तब कारीगरों के बारे में सोचने का समय कहां से आता। 

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उन्होंने कहा कि तब स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के बारे में सोचने की भी फुर्सत नहीं थी। हमारी सरकार ने परंपरागत कारीगरों के हुनर को सम्मान देने और उसे बाजार की जरूरत से जोड़ने का काम किया। वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना लागू की गई और वर्ष 2019 में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना शुरू की गई।

 

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अब सरकार ने पांच नए पारंपरिक ट्रेड भी जोड़े

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा की जयंती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस का यह अवसर अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पिछले सात-आठ वर्षों में छह लाख से अधिक हस्तशिल्पियों और कारीगरों को 15 हजार रुपये तक की टूलकिट के साथ दस दिन का प्रशिक्षण दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव का त्रिशूल, इंद्र का वज्र और श्रीकृष्ण का सुदर्शन चक्र भी भगवान विश्वकर्मा की शिल्पकला से जुड़े उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि पहले विकसित भारत में कारीगर उद्यमी था और हस्तशिल्पी आत्मनिर्भर था। 

उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने गरीबी और पैसे का हवाला देकर कारीगरों को सुविधाओं से वंचित रखा। उनके पास हुनर और कारीगरी थी, लेकिन बाजार उनसे दूर कर दिया गया। बैंकिंग व्यवस्था से उन्हें दूर रखा गया और डिजाइन तथा तकनीक की बदलती मांग के अनुरूप उन्हें आगे बढ़ने का अवसर नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि इसका परिणाम यह हुआ कि जो कारीगर कभी उद्यमी हुआ करता था, वह श्रमिक बनने को मजबूर हो गए। वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री बनने पर उन्होंने प्रदेश के कारीगरों की स्थिति को लेकर चिंता जताई। हस्तशिल्पी और कारीगर भ्रष्टाचार और अराजकता के कारण प्रदेश से बाहर जाने को मजबूर थे।



 
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कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम युवा उद्यमी योजना में युवाओं को पांच लाख तक का ब्याजमुक्त और गारंटीमुक्त ऋण दिया जा रहा है, जबकि कारीगरों के लिए इसकी सीमा 10 लाख तक की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 25 सितंबर से 29 सितंबर तक हर जनपद में टूलकिट वितरण के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश बीमारू नहीं था, बल्कि इसे संचालित करने वाले राजनेताओं की मानसिकता बीमारू थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर में उत्तर प्रदेश ट्रेड शो आयोजित किया जा रहा है। इसमें ढाई हजार से अधिक एग्जिबिटर्स भाग लेंगे और साढ़े छह सौ से अधिक फॉरेन बायर्स भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका मानना है कि ट्रेड शो में 12 हजार करोड़ से 15 हजार करोड़ तक का टर्नओवर हो सकता है।

इस अवसर पर, उत्तर प्रदेश सरकार में सूक्ष्म लघु मध्यम उद्यम विभाग के मंत्री भूपेंद्र चौधरी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास के आयुक्त दीपक कुमार, प्रमुख सचिव सूक्ष्म लघु मध्यम उद्यम विभाग शशि भूषण लाल सुशील आदि थे।
 
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