लखनऊ नोड पर स्थापित ब्रह्मोस प्रोडक्शन यूनिट 300 करोड़ रुपये से तैयार की गई है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने 80 हेक्टेयर जमीन निशुल्क उपलब्ध कराई थी, जिसका निर्माण मात्र साढ़े तीन वर्षों में पूरा हुआ। ब्रह्मोस मिसाइल भारत और रूस के संयुक्त उद्यम का परिणाम है। इसकी मारक क्षमता 290-400 किलोमीटर और गति मैक 2.8 (ध्वनि की गति से लगभग तीन गुना) है। यह मिसाइल जमीन, हवा, और समुद्र से लॉन्च की जा सकती है। यह ‘फायर एंड फॉरगेट’ सिद्धांत पर काम करती है जिससे यह दुश्मन के रडार से बचकर सटीक निशाना लगा सकती है।