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यूपी: लखनऊ समेत प्रदेश के सात शहरों में महिलाएं चलाएंगी ई-ऑटो, तैयारी पूरी, कैबिनेट में रखा जाएगा प्रस्ताव

Mon, 03 Jun 2024 08:21 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Women will drive e-auto: प्रदेश के सात शहरों में ई-ऑटो चलाने की तैयारी नगर विकास मंत्रालय द्वारा की गई है। खास बात यह है कि इनमें से आधे ऑटो महिलाएं चलाएंगी। 
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महिलाएं चलाएंगी ई-ऑटो। सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : डेमो।
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विस्तार
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प्रदेश सरकार लखनऊ समेत सात शहरों में 500 ई-ऑटो चलाने की तैयारी की है। इन शहरों में अयोध्या, वाराणसी, आगरा, प्रयागराज, मथुरा, वृंदावन और गोरखपुर शामिल हैं। खास बात यह होगी कि इसमें से 50 फीसदी ई-ऑटो को महिलाओं को चलाने के लिए दिया जाएगा। नगर विकास विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसे जल्द ही कैबिनेट से मंजूरी दिलाकर आगे की कार्यवाही शुरू की जाएगी।

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बता दें कि केन्द्र सरकार ने शहरों में बढ़ रहे प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए फेम इंडिया के तहत शहरों ई- बसें संचालित करने की योजना शुरू कराया था। पहले चरण में योजना के तहत अब तक 14 शहरों में यह ई-बसों का संचालन शुरू भी हो गया है। इसी कड़ी में अब दूसरे चरण में सात शहरों में ई-ऑटो चलाने का फैसला किया गया है। इसके लिए जिन सात शहरों का चयन किया गया है, उनमें चार धार्मिक शहर अयोध्या, वाराणसी, मथुरा और वृंदावन का चयन किया गया है। जबकि भीड़-भाड़ वाले अन्य तीन शहरों में गोरखपुर, प्रयागराज और आगरा को चिह्नित किया गया है।

विभाग के सूत्रों के मुताबिक इस संबंध में पिछले दिनों हुई बैठक में उच्च स्तर पर ई-ऑटो का संचालन शुरू कराने पर सहमति बन गई है। इस आधार पर नगर विकास विभाग ने सात शहरों में ई-ऑटो का संचालन शुरू करने को लेकर कैबिनेट प्रस्ताव तैयार किया है, जिसपर जल्द ही मंजूरी ली जाएगी। सरकार का मानना है कि शहरों में ई-ऑटो का संचालन शुरू होने से प्रदूषण में कमी आएगी।
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सेवा प्रदाता कंपनी उपलब्ध कराएगी ई-ऑटो
नगर विकास विभाग चालकों को ई-ऑटो मुहैया कराने के लिए सबसे पहले सेव प्रदाता के तौर पर किसी कंपनी का चयन करेगी। कंपनी चयन के लिए देश की इस तरह की सेवा मुहैया कराने वाली कंपनियों को आमंत्रित किया जाएगा। प्रतिस्पर्धा के जरिए इनमें से ही किसी कंपनी का चयन किया जाएगा। चयन के बाद संबंधित शहरों के नगर निकायों द्वारा कंपनी को चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए स्थान मुहैया काराया जाएगा। ताकि ई-ऑटो को चार्जिंग कराने में कोई समस्या न हो।

तीन साल मिलेगा मालिकाना हक
प्रस्ताव के मुताबिक निकायों द्वारा चयनित कंपनी ही चालक को ई-ऑटो उपलब्ध कराएगी। इसके एवज में चालक को संबंधित कंपनी को 500 से 550 रुपये प्रति दिन देना होगा। तीन साल तक भुगतान करने पर चालक को ऑटो का मालिकाना हक दे दिया जाएगा। चयनित में किसी शहर में ई-ऑटो चलाने के इच्छुक व्यक्ति को कंपनी द्वारा ऑटो तभी उपलब्ध कराया जाएगा, जब वह उसी शहर का निवासी होगा और उसके पास अपना ड्राइविंग लाइसेंस होगा।

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