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UP: महिला आरक्षण के मुद्दे पर उखाड़े गए गड़े मुर्दे, भाजपा विधायकों ने याद दिलाया गेस्ट हाउस कांड; भारी हंगामा

Thu, 30 Apr 2026 08:08 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Women reservation मंत्री ओपी राजभर और सपा सदस्य अतुल प्रधान के बीच गाजीपुर की घटना को लेकर जमकर तकरार हुई। राजभर ने कहा कि महिलाओं को माननीय बनाना हमारी जिम्मेदारी है।
 
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सपा विधायक रागिनी सोनकर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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 महिला आरक्षण के मुद्दे पर विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। प्रदेश सरकार की महिला मंत्रियों के साथ महिला सदस्यों ने हर कीमत पर आरक्षण हासिल करने की बात कही। साथ ही सपा सदस्यों को स्टेट गेस्ट कांड याद दिलाते हुए महिला विरोधी होने का आरोप लगाया। वहीं विपक्ष की महिला सदस्यों ने भाजपा पर नारी वंदन अधिनियम के बहाने परिसीमन कराने और जनगणना से भागने का आरोप जड़ा।

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सदन में कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि अब महिलाएं इस विधेयक का पास कराकर ही दम लेंगी। महिलाएं अपने दम पर प्रधान से लेकर सांसद बन रही हैं। केंद्र और यूपी की भाजपा सरकार अधिकतर योजनाएं महिलाओं के नाम पर हैं, यह सपा और कांग्रेस को नजर नहीं आएगा। सभी दलों को मिलकर इस विधेयक को पारित कराना चाहिए। इसमें किसी का नुकसान नहीं है। भाजपा सदस्य केतकी सिंह ने कहा कि लोकसभा में विधेयक को पारित नहीं कराने का दिन इमरजेंसी से भी ज्यादा काला दिन बन चुका है। महिलाओं ने विपक्ष का क्रूर चेहरा देख लिया। 

तीन दशक बीत गए, इस पर फैसला नहीं हुआ। कुछ राज्यों में तो केवल एक ही महिला विधायक है। उन्होंने सपा को स्टेट गेस्ट हाउस कांड की याद भी दिलाई। मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने कहा कि पूरे देश की महिलाओं की नजर संसद पर थी, लेकिन वह काला दिन साबित हुआ। आधी आबादी विपक्ष को कभी माफ नहीं करेगी। सपा ने मुस्लिम महिलाओं को अलग आरक्षण देने की मांग कर संविधान का अपमान किया है। सपा ने मायावती जैसी सशक्त महिला के साथ गेस्ट हाउस कांड किया, जिसे दुनिया भर ने देखा। मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि देश भर की महिलाएं विपक्ष के इस रवैये से आक्रोशित हैं। इंडी गठबंधन ने महिलाओं को हमेशा पीछे किया है। इसके अलावा अंजुला माहौर, प्रदीप कुमार, डॉ. आरके वर्मा, सरिता भदौरिया, डॉ. सुरभि, पिंकी यादव ने भी सदन को संबोधित किया।
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विपक्ष ने किया विरोध
वहीं सपा सदस्य पल्लवी पटेल ने कहा कि विधानसभा का एक और दिन भाजपा की साजिश की भेंट चढ़ गया। दरअसल भाजपा आरक्षण देना ही नहीं चाहती है, तभी परिसीमन और जनगणना को इसमें शामिल किया गया। नसीम सोलंकी ने कहा कि मेेरे उपचुनाव में महिला कार्यकर्ताओं पर लाठियां चलाई गईं। भाजपा प्रत्याशी के साथ पूरा सिस्टम था। मैं अकेली घर संभालने के साथ चुनाव लड़ रही थी। ऐसे मौकों पर तो महिलाओं को बख्श देना चाहिए। एक आम महिला नेता कैसे बनती है, यह भाजपा ने सिखा दिया। ऐसे ही अत्याचार करेंगे तो बहुत सारी महिलाएं बिना आरक्षण मैदान में आ जाएंगी।

राजभर और प्रधान में तकरार
चर्चा के दौरान मंत्री ओपी राजभर और सपा सदस्य अतुल प्रधान के बीच गाजीपुर की घटना को लेकर जमकर तकरार हुई। राजभर ने कहा कि महिलाओं को माननीय बनाना हमारी जिम्मेदारी है। इनके नेता असत्य बाेलते हैं। पीएम मोदी ने दस रुपये की झालमुरी क्या खा ली, इनको बेहोशी आ गई। जो घटनाएं यादव बिरादरी के लोग अंजाम देते हैं, वहां इनका प्रतिनिधिमंडल नहीं जाता है। इन लोगों ने मुसलमानों को भी धोखा दिया। वहीं अतुल प्रधान ने पलटवार करते हुए कहा कि राजभर ने पहले पीएम मोदी और सीएम योगी को अपशब्द कहे थे। तीन साल तक सोते रहे और पश्चिम बंगाल का चुनाव आते ही विधेयक याद आने लगा। इनके मातृ संगठन में एक भी महिला नहीं है। एप्सटीन फाइल वाले मंत्री आज भी गद्दी पर हैं।

विपक्ष का सफाया तय
मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि आज महिलाएं सुखोई और राफेल उड़ा रही हैं। सभी धर्मों में महिलाओं का सम्मान करने की बात कही गई है। अगले चुनावों में विधेयक का विरोध करने वालों का महिलाएं पूरी तरह सफाया कर देंगी।
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