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UP: पश्चिम एशिया जंग से यूपी के निर्यात पर असर, गाजियाबाद-मेरठ समेत पांच जिलों को बड़ा झटका; जानें वजह

Thu, 12 Mar 2026 07:12 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का असर उत्तर प्रदेश के निर्यात कारोबार पर पड़ने लगा है। गाजियाबाद, मेरठ, अलीगढ़, उन्नाव और कानपुर जैसे जिलों के मीट व चमड़ा निर्यात प्रभावित हो रहे हैं। 
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प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : Adobestock
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विस्तार
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पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब उत्तर प्रदेश के निर्यात कारोबार पर भी दिखने लगा है। खासकर प्रोसेस्ड मीट और चर्म उत्पादों से जुड़े जिलों के निर्यात पर सबसे ज्यादा दबाव पड़ा है। गाजियाबाद, मेरठ, अलीगढ़, उन्नाव और कानपुर ऐसे जिले हैं जिनका निर्यात खाड़ी देशों पर काफी निर्भर है। इन जिलों से पिछले वर्ष करीब 40 हजार करोड़ रुपये का निर्यात हुआ था, जिसमें आधे से ज्यादा हिस्सा प्रोसेस्ड मीट का है।

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निर्यातकों के अनुसार खाड़ी देशों में शिपिंग मार्गों पर अनिश्चितता, बढ़ी बीमा लागत और लॉजिस्टिक्स बाधाओं के कारण ऑर्डर धीमे पड़ने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि संघर्ष लंबा खिंचा तो यूपी के मांस और चमड़ा उद्योग पर बड़ा असर पड़ सकता है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रदेश से होने वाले निर्यात के प्रमुख गंतव्यों में अमेरिका पहले स्थान पर है जिसकी हिस्सेदारी करीब 19 प्रतिशत है। इसके बाद यूनाइटेड किंगडम (7 प्रतिशत) और संयुक्त अरब अमीरात (6 प्रतिशत) का स्थान है। अगले तीन वर्षों में यूएई की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 9 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।

2024-25 में जिलेवार निर्यात में गौतम बुद्ध नगर सबसे आगे

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिलेवार निर्यात में गौतम बुद्ध नगर सबसे आगे है। यहां से करीब 94,272 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ। इसके बाद गाजियाबाद से 14,949 करोड़, कानपुर नगर से 10,401 करोड़ और मुरादाबाद से 10,391 करोड़ रुपये का निर्यात दर्ज किया गया। आगरा, अलीगढ़, भदोही, उन्नाव और अमरोहा भी शीर्ष निर्यातक जिलों में शामिल हैं।

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यूपी के कई निर्यातक जिलों का व्यापार पश्चिम एशिया के बाजारों पर निर्भर है, इसलिए वहां की स्थिति का सीधा असर यहां के उद्योगों पर पड़ता है। हाल की रिपोर्टों में भी चेतावनी दी गई है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण भारत के कृषि और खाद्य उत्पादों के करीब 11.8 अरब डॉलर के निर्यात पर खतरा मंडरा रहा है। 

क्योंकि शिपिंग मार्ग बाधित होने और बीमा लागत बढ़ने से व्यापार महंगा हो रहा है।संघर्ष के कारण समुद्री मार्गों में व्यवधान और माल ढुलाई लागत बढ़ने से भारतीय निर्यात सौदे धीमे पड़ रहे हैं और कई जगहों पर शिपमेंट अटकने लगे हैं।

व्यापारिक संगठनों का कहना है कि यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो यूपी के मीट प्रोसेसिंग, चमड़ा, हैंडीक्राफ्ट और कृषि आधारित निर्यात उद्योगों पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।

प्रदेश के शीर्ष निर्यातक जिले (2025)

  • गौतम बुद्ध नगर – 94,272 करोड़
  • गाजियाबाद – 14,949 करोड़
  • कानपुर नगर – 10,401 करोड़
  • मुरादाबाद – 10,391 करोड़
  • आगरा – 7,555 करोड़
  • अलीगढ़ – 7,218 करोड़
  • भदोही – 5,098 करोड़
  • उन्नाव – 4,941 करोड़
  • अमरोहा – 2,816 करोड़
  • संभल – 2,406 करोड़
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