उत्तर प्रदेश में तेज हवाओं और बूंदाबांदी के असर से तपिश भरी गर्मी से राहत मिली है। मौसम में बदलाव की वजह से 25 मई से नौ दिनों के लिए शुरू हो रहे नौतपा के पहले दिन, प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों संभागों में कहीं भी लू की परिस्थितियां नहीं रहीं। हालांकि पूर्वा हवाओं में पर्याप्त मात्रा में नमी की वजह से उमस भरी चिपचिपी गर्मी बरकरार है।
रविवार को पश्चिमी यूपी के ज्यादातर इलाकों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ दिल्ली एनसीआर से सटे जिलों नोएडा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, मेरठ समेत अगरा, अलीगढ़, बरेली, सहारनपुर परिक्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार से अगले तीन दिन तराई और पूर्वी इलाकों में नमी युक्त पूर्वा हवाओं के साथ बादलों का आना-जाना बना रहेगा। वहीं तराई और दक्षिणी यूपी के इलाकों व वाराणसी परिक्षेत्र में कहीं कहीं बूंदाबादी की परिस्थितियां बन सकती हैं।
यूपी में चार दिन पहले हो सकती है मानसून की दस्तक
इस बार यूपी में सामान्य से तीन-चार दिन पहले मानसून आने की संभावना है। केरल के तट यह सामान्य से आठ दिन पहले ही दस्तक दे चुका है।
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मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में बंगाल की खाड़ी की तरफ से आने वाला मानसून अपनी सामान्य तिथि 18 जून से करीब चार दिन पहले दस्तक दे सकता है। हालांकि, इसका सही आकलन मानसून के पूर्वोत्तर भारत पहुंचने के बाद ही किया जा सकता है।
इन जिलों मेघगर्जन के साथ वज्रपात होने की संभावना
चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ में मेघगर्जन के साथ वज्रपात होने की संभावना है।