यूपी बार बार कौंसिल के सदस्यों के लखनऊ में हुए चुनाव के पहले चरण में बुधवार को 5459 मतदाताओं में से 3986 वकीलों ने मतदान किया। 12 मार्च को होने वाले दूसरे चरण में वर्ष 2001 से 2010 तक के पंजीकृत 5663 अधिवक्ता मतदाता हैं। हाईकोर्ट परिसर में बुधवार सुबह 10 बजे से मतदान शुरू हुआ जो शाम पांच बजे तक चला। पांच दिन तक चलने वाली इस प्रक्रिया में रोजाना अधिवक्ताओं के पंजीकरण वर्ष के आधार पर मतदान कराया जा रहा है।मतदान केंद्र के भीतर मोबाइल फोन, पोस्टर, बैनर, पर्चे या किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं दी गई।
यूपी बार कौंसिल के सचिव राम किशोर शुक्ल ने बताया कि मतदान के दौरान किसी अनधिकृत अधिवक्ता को हाईकोर्ट की लखनउ पीठ में बने मतदान स्थल पर प्रवेश नहीं दिया गया। मतदाताओं का अधिवक्ता परिचयपत्र या सर्टिफिकेट ऑफ प्रेक्टिस( सी ओ पी) देखकर ही प्रवेश दिया गया।
मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्ण चली। अभी लखनऊ के अधिवक्ता मतदाताओं के मतदान के चार चरण बाकी हैं। मतदान के कारण वकीलों में खासी गहमागहमी रही। अधिवक्ता प्रत्याशी, वकीलों से अपने पक्ष में मतदान की अपील करते रहे। सोशल मीडिया और संचार माध्यमों का भी प्रचार में जमकर इस्तेमाल हुआ।
गौरतलब है कि बीती 27 जनवरी को हंगामे के कारण लखनऊ का मतदान निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी उच्च स्तरीय समिति ने लखनऊ में मतदान के लिए पुनः 11 मार्च से 15 मार्च तक पांच चरणों में मतदान की तिथियां निर्धारित की हैं।5 दिनों तक चलने वाले इस मतदान में करीब 27 हजार अधिवक्ता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।