एसआईआर के तहत नोटिस पाने वाले मतदाताओं की सुनवाई बुधवार से प्रारंभ होगी। कुल 1.04 करोड़ मतदाता ऐसे हैं, जिनका मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो पाया है। उन्हें नोटिस भेजा जा रहा है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि यूपी में 3793 स्थानों पर मतदाताओं की सुनवाई की जाएगी। 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी समेत कुल 9154 अधिकारियों की ड्यूटी सुनवाई के लिए लगाई गई है। दो पृष्ठ की नोटिस मतदाताओं को जारी की गई है। पहले पृष्ठ पर उनके संबंध में जानकारी और दूसरे में क्या-क्या दस्तावेज लगाने हैं, यह देना होगा।
अगर मतदाता की जन्मतिथि एक जुलाई 1987 से पूर्व की है तो उसे सिर्फ अपने से संबंधित दस्तावेज देना होगा। अगर मतदाता की जन्मतिथि इसके बाद और दो दिसंबर 2004 के बीच की है, तो उसे अपनी व अपने पिता दोनों के दस्तावेज देने होंगे। वहीं अगर कोई मतदाता दो दिसंबर 2004 के बाद पैदा हुआ है तो उसे अपने साथ-साथ माता-पिता दोनों के भी दस्तावेज दिखाने होंगे। प्रमाण के रूप में पासपोर्ट, जन्म प्रमाण, निवास प्रमाण पत्र व शैक्षिक प्रमाण पत्र सहित 13 दस्तावेज दिखाए जा सकते हैं।