हर कार्यकर्ता चुनाव में पूरी ताकत से मैदान में उतरेगा
उन्होंने कहा कि एनडीए का हर कार्यकर्ता चुनाव में पूरी ताकत से मैदान में उतरेगा। भाजपा का लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं है, बल्कि सरकार बनने के बाद अगले पांच वर्षों तक जनता की सेवा करना भी है। उनके बयान से साफ संकेत है कि पार्टी अब संगठन और सरकार की उपलब्धियों को लेकर चुनावी नैरेटिव तैयार करने में जुट गई है। तावड़े ने कहा कि भाजपा 2027 के चुनाव को महज सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि संगठन की ताकत और विपक्ष के सामाजिक समीकरणों की काट के रूप में लड़ने जा रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को पूरी ताकत से मैदान में उतरने का आह्वान करते हुए कहा कि चुनावी जीत के बाद भी संगठन जनता के बीच सक्रिय रहेगा और अगले पांच वर्षों तक सेवा के संकल्प के साथ काम करेगा।
‘पीडीए’ के बहाने अखिलेश पर सीधा निशाना
भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी विनोद लखनऊ पहुंचते ही विपक्ष खासकर समाजवादी पार्टी के खिलाफ आक्रामक तेवर दिखाए। उन्होंने सपा के पीडीए की नई नई व्याख्या करते हुए इसे ‘पराया धन अपना’ बताया। तावड़े ने कहा कि सपा के पीडीए से जुड़े नारों को भाजपा कार्यकर्ता विफल करेंगे और एनडीए ऐसा नहीं होने देगा। तावड़े के इस बयान को 2027 की चुनावी लड़ाई में सपा के सामाजिक समीकरण के खिलाफ भाजपा की सीधी राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। इस बयान से यह भी साफ है कि आने वाले दिनों में भाजपा और सपा के बीच पीडीए को लेकर सियासी टकराव और तेज हो सकता है।
अमित शाह के फोकस का भी दिया संकेत
तावड़े ने उत्तर प्रदेश को भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए केंद्रीय नेतृत्व की प्राथमिकता का भी संकेत दिया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व की नजर भी लगातार प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियों पर है। तावड़े ने संकेत दिया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का उत्तर प्रदेश पर विशेष फोकस है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की सक्रियता से साफ है कि 2027 का चुनाव भाजपा के लिए मिशन मोड में रहने वाला है।