हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राजधानी के विकासनगर स्थित बस्ती में 15 अप्रैल को हुए अग्निकांड के पीड़ितों को बुनियादी सुविधाएं देने समेत भोजन व चिकित्सा के इंतजाम करने का आदेश संबंधित अफसरों को दिया है। कोर्ट ने अग्निकांड मामले में दाखिल जनहित याचिका में पीडब्ल्यूडी, प्रदेश के राहत आयुक्त को पक्षकार बनाने के निर्देश देकर जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नगर निगम, मुख्य अग्निशमन अधिकारी को 30 मई तक ब्यौरे के साथ जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल की खंडपीठ ने शुक्रवार को यह आदेश अनुराग त्रिपाठी की जनहित याचिका पर दिया। याचिका में अग्निकांड के पीड़ितों का समुचित पुनर्वास समेत उनकी चिकित्सा, राशन देने और अस्थाई निवास के इंतजाम करने की मांग की गई है। याची का कहना था कि वहां के लोगों का सबकुछ जल गया है, ऐसे में उन्हें जल्द सरकारी मदद मुहैया कराई जाए।
राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता विनोद कुमार शाही पेश हुए। सरकार के मुख्य स्थाई अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह ने कोर्ट को बताया कि पीड़ितों को भोजन के पैकेट दिए जा रहे हैं एवं चिकित्सकीय मदद के लिए तत्काल एंबुलेंस भेजी गईं। वहां अस्थाई चिकित्सा शिविर भी लगाया गया और रैन बसेरा भी बनाया गया है।