मेरठ के पूर्व सहायक आयुक्त सहकारिता हरेंद्र कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में विजिलेंस ने एफआईआर दर्ज की है। गोपनीय जांच में लगभग 68.57 लाख रुपये की अनियमितता सामने आई। संतोषजनक जवाब न मिलने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।
मेरठ में सहकारिता विभाग के तत्कालीन सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक हरेंद्र कुमार के खिलाफ विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की एफआईआर दर्ज की है। शासन ने वर्ष 2022 में हरेंद्र सिंह की चल-अचल संपत्तियों की गोपनीय जांच करने का आदेश विजिलेंस को दिया था। विजिलेंस ने बीते वर्ष नवंबर माह में शासन को जांच रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें करीब 68.57 लाख रुपये की अघोषित संपत्तियां अर्जित करने का खुलासा किया था।
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बता दें कि शासन के निर्देश पर विजिलेंस ने मूल रूप से गोरखपुर एवं वर्तमान में कुशीनगर निवासी हरेंद्र कुमार की संपत्तियों की गोपनीय जांच में पाया था कि उन्होंने वर्ष 1997 से 2000 की अवधि के दौरान बतौर लोकसेवक अपनी आय के सभी वैध स्रोतों से करीब 2.63 करोड़ रुपये अर्जित किए, जबकि चल-अचल संपत्तियों को खरीदने एवं भरण-पोषण पर 3.29 करोड़ रुपये व्यय किए।
इस तरह उन्होंने अपनी आय से 68.57 लाख रुपये अधिक व्यय किए थे। जब उनसे आय और व्यय के इस अंतर के बारे में जवाब तलब किया तो वह कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके। इसके बाद विजिलेंस ने शासन को अपनी रिपोर्ट देकर हरेंद्र कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू करने की अनुमति मांगी थी।