विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि बहुत सारे लोगों को रामराज्य की अवधारणा अच्छी नहीं लगती। श्रीराम मंदिर निर्माण शुरू होने पर वे भावनाएं, अपने अंदर की कुंठा को दबा नहीं पाए। इनके बयानों को देखकरऐसा लगता है। ये बयान ऐसे समय आ रहे हैं जब देश में हर्ष, उमंग और उत्साह का नया माहौल है, दुनिया भारत को बधाई दे रही है।
9 नवंबर, 5 अगस्त की तिथियों का अद्भुत संयोग
सीएम योगी ने कहा कि तिथियों का अद्भुत संयोग है। 9 नवंबर 1989 को संतों ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का एक संकल्प लिया था। इसके 40 साल बाद 9 नवंबर 2019 को हिंदू समाज व राम मन्दिर के पक्ष में फैसला आया। 5 अगस्त को कश्मीर की धारा-370 को हमेशा के लिए खत्म कर आतंकवाद के ताबूत में अंतिम कील ठोकने का कार्य किया गया। इसके एक साल बाद 5 अगस्त 2020 को श्रीराम राम मंदिर निर्माण का शुभारंभ हुआ।
अब हुआ राम की ताकत का हुआ अहसास
मुख्यमंत्री ने कहा, पहले जिन्हें राम की वास्तविकता पर भरोसा नहीं था उन्हें अब राम की ताकत का एहसास हो रहा होगा। कांग्रेस पर निशाना साधा कि रोम की भाषा बोलने वाले लोग भी राम-राम चिल्लाने लग गए हैं। ये वही लोग हैं जिन्होंने राम सेतु का विरोध किया था।
सपा पर निशाना, नीरज मिश्र का सिर काटकर मंगाया था
सीएम योगी ने कहा, परशुराम के बहाने ही क्यों न हो, राम का नाम ऐसा है कि उसे किसी भी रूप में लें, उद्धार कर देता है। इसके बावजूद कुछ लोग विभाजनकारी और कुत्सित राजनीति से समाज बांटने की कोशिश कर रहे हैं। नाम लिए बिना सपा की तरफ इशारा करते हुए कहा कि ये वही लोग हैं जिन्होंने राम भक्तों पर गोलियां चलाई थीं। जातिवाद का झंडा लेकर चल रहे ये वही लोग हैं जो कन्नौज के भाजपा कार्यकर्ता नीरज मिश्रा का सिर काटकर ब्रीफकेस में मंगाते थे। बसपा पर हमला करते हुए कहा कि ये वही लोग हैं जो तिलक और तराजू की बात करके समाज को बार-बार गाली देते थे। ये उत्साह, उमंग के माहौल में जहर घोलने का काम कर रहे हैं।