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विपक्ष की नारेबाजी के बीच बिना चर्चा 27 विधेयकों को मंजूरी, सरकार के महत्वपूर्ण निर्णयों पर अमल का रास्ता साफ

Sat, 22 Aug 2020 01:54 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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यूपी विधानसभा - फोटो : amar ujala
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राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों ने शनिवार को विपक्ष की नारेबाजी के बीच बिना चर्चा 27 विधेयकों को मंजूरी दे दी। इससे सरकार के महत्वपूर्ण निर्णयों पर अमल का रास्ता साफ हो गया है। 
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इसमें सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से वसूली करने के लिए दावा अधिकरणों की स्थापना, औद्योगीकरण को बढ़ावा देने, सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों की स्थापना को प्रोत्साहन जैसे कार्यों से संबंधित विधेयक शामिल हैं। 

सरकार ने विधानमंडल के पिछले सत्र के बाद और इस सत्र के पहले विशेष परिस्थितियों में नए कानून बनाकर उसे लागू करने के लिए 17 अध्यादेश लाई थी। इन सभी अध्यादेशों के स्थान पर विधानमंडल में विधेयक लाए गए थे, जिसे पारित कर दिया गया। इसके अलावा 10 नए विधेयक लाए गए, जिसे भी विधानमंडल की हरी झंडी मिल गई। 
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इन विधेयकों की मंजूरी से हड़ताल, दंगा, बंद आदि के दौरान सार्वजनिक स्थलों पर हिंसा कर सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से वसूली करने के लिए दावा अधिकरणों की स्थापना, गोवध निवारण से संबंधित सख्त प्रावधानों का क्रियान्वयन, आकस्मिकता निधि का आकार 600 करोड़ से बढ़ाकर 1200 करोड़ करने, वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान अधिक ऋण लेने की शक्ति प्राप्त करने के लिए एफआरबीएम एक्ट में संशोधन, औद्योगीकरण की अड़चनों को दूर करने और 1000 दिनों तक बाधारहित उद्योग स्थापना को प्रोत्साहन के लिए कारखाना, औद्योगिक विवाद समाधान और एमएसएमई एक्ट का रास्ता साफ हो गया।

इसी तरह थर्ड जेंडर को संपत्ति में भौमिक अधिकार देने, सरकारी संपत्ति के प्रबंधन, निजी विश्वविद्यालयों के फीस के नियमन, मंडी में किसानों को बाधारहित उपज की खरीद-बिक्री, प्रयागराज में नए विधि विश्वविद्यालय की स्थापना, 62 निष्प्रयोज्य कानूनों को समाप्त करने, कोविड-19 महामारी के मद्देनजर विधायक निधि को स्थगित करने और मंत्रियों व विधायकों के वेतन-भत्ते में कटौती संबंधी सरकार के निर्णय का क्रियान्वयन को कानूनी स्वरूप मिल जाएगा।

इन विधेयकों को मिली मंजूरी
यूपी लोक तथा निजी सम्पत्ति क्षति वसूली विधेयक 2020
यूपी आकस्मिकता निधि (संशोधन) विधेयक 2020
यूपी राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक, 2020
यूपी राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2020
यूपी राज्य विधानमंडल (सदस्यों की उपलब्धियां और पेंशन) (संशोधन) विधेयक 2020
यूपी औद्योगिक विवाद (संशोधन) विधेयक 2020
यूपी औद्योगिक विवाद (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2020
कारखाना (यूपी संशोधन) विधेयक 2020
यूपी औद्योगिक क्षेत्र विकास (संशोधन) विधेयक 2020
भवन, अन्य सन्निर्माण कर्मकार नियोजन तथा सेवा शर्त विनियमन (यूपी संशोधन) विधेयक 2020
यूपी मूल्य संवर्धित कर संशोधन विधेयक 2020
यूपी मंत्री वेतन भत्ता और प्रकीर्ण उपबंध (संशोधन) विधेयक 2020
यूपी माल और सेवा कर द्वितीय संशोधन विधेयक, 2020
यूपी माल और सेवा कर तृतीय संशोधन विधेयक, 2020
यूपी कृषि उत्पादन मंडी (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2020
यूपी लोक स्वास्थ्य एवं महामारी रोग नियंत्रण विधेयक 2020
यूपी गोवध निवारण (संशोधन) विधेयक 2020
यूपी स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय, (शुल्क विनियमन, संशोधन) विधेयक 2020
कारागार (यूपी संशोधन) विधेयक 2020
यूपी विशेष सुरक्षा बल विधेयक 2020
यूपी राजस्व संहिता संशोधन विधेयक, 2020
यूपी सरकारी संपत्ति (प्रबंधन और निस्तारण) विधेयक, 2020
यूपी राज्य विश्वविद्यालय द्वितीय संशोधन विधेयक, 2020
यूपी गन्ना (पूर्ति एवं खरीद विनियमन) (संशोधन) विधेयक 2020
यूपी राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय प्रयागराज विधेयक, 2020
यूपी निरसन विधेयक, 2020
यूपी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम स्थापन एवं संचालन सरलीकरण विधेयक, 2020
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व्यवसाय संघ विधेयक वापस

प्रदेश सरकार ने व्यवसाय संघ (यूपी संशोधन) विधेयक, 2017 को विधानमंडल से पारित कराने के बाद राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा था। राज्यपाल ने इसे लौटा दिया था। श्रम एवं सेवायोजन मंत्री ने विधानसभा की अनुमति से इस विधेयक को वापस लेने का एलान किया।
 
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