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UP: आतंकियों के निशाने पर थे विधान सभा, इमामबाड़ा समेत राजधानी के अहम इलाके, एनआईए की जांच में खुलासा

Mon, 25 May 2026 10:46 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

दिल्ली स्थित लाल किला विस्फोट में एनआईए की 7500 पन्नों की चार्जशीट में खुलासा हुआ है। आतंकी राजधानी के कई अहम व भीड़भाड़ वाले इलाको में धमाके करना चाहते थे।
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- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की जांच में लखनऊ में बड़े आतंकी हमले की साजिश का खुलासा हुआ है। दिल्ली रेड फोर्ट ब्लास्ट केस की जांच के दौरान एजेंसी को ऐसे इनपुट मिले हैं, जिनसे पता चला कि आतंकियों के निशाने पर उत्तर प्रदेश विधानसभा, बापू भवन, सचिवालय, बड़ा इमामबाड़ा और राजधानी के कई अहम व भीड़भाड़ वाले इलाके थे।

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एनआईए की दाखिल 7500 पेज की चार्जशीट के अनुसार, आरोपी डॉ. मुजम्मिल शकील और डॉ. शाहीन सईद अगस्त 2025 में फरीदाबाद से लखनऊ पहुंचे थे। जांच एजेंसियों का कहना है कि दोनों ने यहां कई संवेदनशील स्थानों की रेकी की। आरोपियों ने विधानसभा, बापू भवन, बड़ा इमामबाड़ा, लालबाग और अमीनाबाद सहित कई प्रमुख इलाकों का दौरा किया था। एजेंसियों को आशंका है कि इन स्थानों को कार बम हमले के जरिए निशाना बनाने की तैयारी की जा रही थी।

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जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपियों ने ट्राईएसीटोन ट्राईपेरॉक्साइड (टीएटीपी) जैसे खतरनाक विस्फोटक तैयार करने के लिए लखनऊ में रसायनों की दुकानों की तलाश की थी। सूत्रों के मुताबिक मुजम्मिल के कहने पर शाहीन ने उन दुकानों के नाम हाथ से लिखे थे जो उनके फ़ोन से एनआईए ने बरामद किया है। टीएटीपी विस्फोटक का ही इस्तेमाल 10 नवंबर को दिल्ली लाल किला विस्फोट में हुआ था। टीएटीपी बहुत ही घातक रसायन है। इसे “मदर ऑफ़ सैटन” कहा जाता है। आरोपियों के मोबाइल फोन से कुछ दुकानों की जानकारी और अन्य अहम डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए हैं।
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एनआईए के मुताबिक यह आतंकी मॉड्यूल अल-कायदा से जुड़े संगठन ‘अंसार गजवत-उल-हिंद’ से प्रभावित था। एजेंसी ने तकनीकी और फॉरेंसिक जांच के जरिए कई महत्वपूर्ण सबूत जुटाने का दावा किया है।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि समय रहते इस साजिश का पर्दाफाश होने से राजधानी में संभावित बड़े आतंकी हमले को रोका जा सका। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।

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