कल से शुरू होने वाला विधान सभा सत्र भले ही छोटा हो लेकिन विपक्षी दलों ने इसमें जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने की पूरी तैयारी कर ली है।
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सदन में कानून व्यवस्था, बकाया गन्ना मूल्य भुगतान, विकास कार्य ठप रहने और सपाइयों की दबंगई जैसे मुद्दों पर जोरदार हंगामे के आसार हैं।
गौरतलब है कि सपा के कुछ नेता हाल ही में टोल टैक्स जमा करने को लेकर सुर्खियों में आए थे।
इसके अलावा मुजफ्फरनगर में बार गर्ल के साथ डांस करते हुए भी एक सपा नेता खबरों में आए थे। विपक्ष इन सभी मुद्दों पर सपा सरकार की किरकिरी करने के मूड में है।
सपाइयों के अवैध कब्जों का मुद्दा उठाएंगे: नसीमुद्दीन
बसपा के राष्ट्रीय महासचिव और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी का कहना है कि प्रदेश में समस्याएं ही समस्याएं हैं। सत्र बुलाना सरकार की मजबूरी है, लेकिन वह सदन चलाना ही नहीं चाह रही है। इतने कम दिन का सत्र सिर्फ इसलिए बुलाया गया है ताकि सदन में प्रदेश की अराजक स्थिति पर चर्चा न हो सके।
प्रदेश में कानून-व्यवस्था बदतर है, खनन माफिया का जलवा कायम है। सपाई अवैध कब्जे कर रहे हैं। अधिकारियों की पिटाई हो रही है।
बलात्कार, हत्या, लूट व डकैती से प्रदेश त्राहि-त्राहि कर रहा है। गन्ना किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं हो रहा है। बसपा इन सभी मुद्दों पर सरकार को बेनकाब करेगी।
मुद्दे क्या, सरकार के इकबाल पर ही सवाल: महाना
भाजपा विधानमंडल दल के उपनेता सतीश महाना का कहना है कि विधानसभा में उठाने के लिए जितने भी मुद्दे बताए जाएं, कम हैं।
मुद्दे क्या, सरकार के इकबाल पर ही सवाल खड़ा हो गया है। महाना ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था खत्म हो चुकी है, अपराधी बेलगाम हो गए हैं। गन्ना किसानों की ऐसी बदहाली पहले कभी नहीं रही।
उनका हजारों करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। मुजफ्फरनगर के दंगों में सरकार की भेदभाव की नीति सामने आ चुकी है। अदालत तक को सरकार के कामकाज पर टिप्पणी करनी पड़ी।
प्रदेश का विकास ठप पड़ा हुआ है। देहात की सड़कों को छोड़िए, महानगरों तक की सड़कों में गड्ढे ही गड्ढे हैं। कहीं अफसर सरकार की नहीं सुन रहे तो कहीं सपाई दबंगई कर रहे हैं।
भ्रष्टाचार और घोटालों की जांच कराने की घोषणाएं फाइलों में दब गई हैं। बिजली संकट दूर करने में सरकार नाकाम रही है। ये सभी मुद्दे सदन में उठाए जाएंगे।
हर मुद्दे पर नाकाम सरकार को करेंगे बेनकाब: माथुर
कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता प्रदीप माथुर ने कहा कि सत्र के दौरान कानून व्यवस्था, गन्ना किसान व खाद्य सुरक्षा कानून के मुद्दे पर कांग्रेस प्रदेश सरकार को घेरेगी।
केंद्रीय योजनाएं मनरेगा व एनआरएचएम में प्रदेश में खूब लूट हुई है। इसका भी जवाब मांगा जाएगा। सरकार हर मोर्चे पर फेल हुई है। प्रदेश में अब तक 120 से अधिक सांप्रदायिक दंगे हो चुके हैं।
सत्ता के कई केंद्र होने के कारण खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं। कांग्रेस प्रदेश सरकार को आगामी सत्र में बेनकाब करेगी।
माथुर ने कहा कि सरकार दंगा पीड़ितों में अपना विश्वास कायम रखने में नाकाम रही है। दंगा पीड़ित कैंपों में रह रहे लोग वापस अपने घरों में जाने को तैयार नहीं हैं। गन्ना किसान परेशान हैं।
धान खरीद केंद्रों के हाल बदतर हैं। किसान अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ने खाद्य सुरक्षा कानून लागू न करके यह साफ कर दिया है कि उसका गरीबों से कोई लेना-देना नहीं है।