कोरोना काल में 102 व 108 एम्बुलेंस सेवा फ्रंट वॉरियर्स की तरह प्रदेश भर में मरीजों को सेवाएं उपलब्ध करा रही है। एम्बुलेंस सेवाओं में लगे 16 हजार से अधिक कर्मचारियों की छुट्टी रद कर दिया गया है। सरकार ने एम्बुलेंस सेवा के रिस्पांस टाइम को कम करने के भी निर्देश जारी किये हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से कोरोना संक्रमित और गंभीर मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए 102 व 108 एम्बुलेंस सेवा मुहैया कराई गई है। मेडिकल इमर्जेंसी के समय सरकारी अस्पताल जाने के लिये 108 पर नंबर कॉल करके एम्बुलेंस सेवा प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं और दो साल तक के बच्चों के लिए 102 नंबर डायल कर घर से अस्पताल ले जाने और अस्पताल से वापिस घर जाने के लिये एम्बुलेंस सेवा की सुविधा दी है।
एम्बुलेंस के रिस्पान्स टाइम को कम करने के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम 11 के साथ बैठक के बाद कहा है कि एम्बुलेंस के रिस्पान्स टाइम को कम किया जाए ताकि मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री के निर्देश पर 108’ एम्बुलेंस सेवा की 50 प्रतिशत एम्बुलेंस का उपयोग कोविड मरीजों के लिए किया जा रहा है।
माहभार में 108 ने ढाई लाख को पहुंचाया अस्पताल
22 मार्च से 22 अप्रैल तक प्रदेश भर में 108 एम्बुलेंस सेवा ने 209484 मरीजों को सेवा प्रदान की। जबकि अन्य बीमारियों से ग्रसित 2078190 मरीजों को उपचार दिलाने का काम किया। इस दौरान 102 एम्बुलेंस ने कोविड छोड़कर अन्य 4668670 मरीजों को उपचार दिलाया। एएलएस सेवा के तहत 250 एम्बुलेंस ने 42113 कोविड मरीजों व अन्य बीमारियों से ग्रसित 101826 रोगियों को अस्पताल पहुंचाया। इस अवधि में 108 एम्बुलेंस सेवा ने कोविड के कुल 251597 मरीजों को एम्बुलेंस सेवा ने सुविधा दी। अन्य बीमारियों से ग्रसित 68 लाख से अधिक मरीजों को सरकार की एम्बुलेंस सेवा ने मदद पहुंचाई है।
बेड न मिलने तक अस्पताल की तरह काम कर रहीं एम्बुलेंस
यूपी के जिलों में कोविड या अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों को उनके घर से अस्पताल तक पहुंचाना और बेड मिलने तक एम्बुलेंस में अस्पताल जैसी सुविधाएं देने का काम भी किया जा रहा है।
कर्मचारियों को चाय की जगह दिया जा रहा काढ़ा, डबल मास्क लगा रहे
सरकार की ओर से एम्बुलेंस सेवा में जुटे कर्मचारियों व अधिकारियों का भी ख्याल रखा जा रहा है। कोविड प्रोटोकॉल का पालन कर ड्यूटी कर रहे कर्मचारी-अधिकारियों की समय-समय पर कोविड जांच हो रही हैं। सभी कर्मियों की नियमित थर्मल स्केनिंग के बाद ही उनको ड्यूटी पर भेजा जा रहा है। काल सेंटर में दिन में दो बार चाय की जगह काढ़ा दिया जा रहा है।