यूपी ने वक्फ संपत्तियों के डिजिटल रजिस्ट्रेशन के मामले में देश में पहला स्थान हासिल किया है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय पर पंजीकरण करने का आदेश दिया था। अब तक प्रदेश में कुल 92832 वक्फ संपत्तियों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा हो गया है। इसमें 86347 सुन्नी और 6485 शिया वक्फ संपत्तियां शामिल हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन की तिथि 6 माह बढ़ा दी है।
उम्मीद पोर्टल के जिलेवार ब्योरे से सामने आया है कि शिया वक्फ संपत्तियों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में लखनऊ सबसे आगे रहा। यहां 625 शिया वक्फ संपत्तियां दर्ज हुई हैं। 539 शिया वक्फ संपत्तियों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के साथ अमरोहा दूसरे और 533 वक्फ संपत्तियों के साथ मेरठ तीसरे स्थान पर रहा।
इसी तरह से सुन्नी वक्फ संपत्तियों के उम्मीद पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के मामले में 4940 वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन के साथ बाराबंकी पहले नंबर पर रहा। सीतापुर दूसरे और आजमगढ़ तीसरे स्थान पर रहा। बिजनौर, मुरादाबाद, सहारनपुर, मेरठ, और जौनपुर जिले भी सुन्नी वक्फ संपत्तियों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में अग्रणी रहे।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि यूपी की ये उपलब्धि न केवल सीएम योगी आदित्यनाथ के कुशल प्रशासन को दर्शाती है, बल्कि वक्फ बोडों की संपत्तियों के संरक्षण और विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।