राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के छात्र जल्द ही इलेक्ट्रिक वाहन, 3डी प्रिंटिंग, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स एंड डिजिटल मैनुफेक्चरिंग टेक्निक, एडवांस टूल, कैम प्रोग्रामर जैसे आधुनिक ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए प्रदेश की 62 और राजकीय आईटीआई को अपग्रेड करके एक दर्जन नए कोर्स शुरू किए जाएंगे।
इसके लिए मंगलवार को व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल की उपस्थिति में टाटा टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (टीटीएल) और प्रदेश सरकार के बीच एमओयू हुआ। आईटीआई अलीगंज में हुए एमओयू के दौरान अग्रवाल ने कहा कि पहले चरण में 149 आईटीआई अपग्रेड हुए हैं। यहां प्रशिक्षण शुरू हो गया है। अब दूसरे चरण में 62 और आईटीआई में अत्याधुनिक लैब की स्थापना की जाएगी। इससे युवाओं को तकनीकी शिक्षा में बेहतर अवसर मिलेंगे।
उन्होंने युवाओं से कहा कि यह योजना न केवल रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान करेगी, बल्कि प्रशिक्षित युवाओं को टाटा टेक्नोलॉजीज और अन्य कंपनियों में सेवायोजन के अवसर भी देगी। उन्होंने कहा कि इससे हर साल लगभग 10 हजार युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस योजना पर कुल 2141.82 करोड़ खर्च होंगे। प्रमुख सचिव हरिओम ने बताया कि प्रशिक्षण इस तरह से डिजाइन किया गया है कि प्रदेश के युवा न केवल राज्य में, बल्कि पूरे देश और विदेशों में भी अपने कौशल का परचम लहराएं।
लखनऊ मंडल की दस, अयोध्या की 9 आईटीआई शामिल
टाटा जिन 62 आईटीआई को अपग्रेड करेगा उसमें लखनऊ मंडल की दस, अयोध्या मंडल की नौ, प्रयागराज की दो, आगरा की तीन, झांसी की दो, कानपुर की दो, मेरठ की चार, विंध्याचल की एक, आजमगढ़ की तीन, बरेली की नौ, बस्ती की एक, देवीपाटन की चार, गोरखपुर की पांच, मुरादाबाद की दो, सहारनपुर की दो, चित्रकूट की एक शामिल है।