मुख्य विशेषज्ञ कृष्ण मोहन चौधरी
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औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र के मुख्य विशेषज्ञ कृष्ण मोहन चौधरी का कहना है कि फल लगने के बाद जितनी लू चलती है, आग के लिए उतना ही अच्छा होता है। कीट और बीमारियां कम लगती हैं। आम उत्पादकों की समस्या को देखते हुए अन्य राज्यों में आम निर्यात का प्रयास शुरू कर दिया गया है। बागों के बीच में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बैगिंग कराई जा रही है।
प्रदेश भर में प्रभाव
मलिहाबाद ही नहीं बल्कि प्रदेश के हर हिस्से में आम की फसल प्रभावित हुई है। बिजनौर में करीब 21 हजार हेक्टेयर में आम के बाग हैं। सहारनपुर के आम कारोबारी हाजी नसीम बताते हैं कि यहां 50 फीसदी फसल खराब हो गई है। यही हालात रहे तो आम खाने को लोग तरस जाएंगे। बागपत में रहौल क्षेत्र में करीब 150 किस्म के 400 एकड़ में आम के बाग हैं। बागान मालिक हबीब चौहान व जुनैद फरीदी ने बताया कि 50 फीसदी से ज्यादा नुकसान हुआ है। यही हाल शामली, बुलंदशहर और मुजफ्फरनगर का है। अमरोहा में करीब 40 फीसदी से ज्यादा नुकसान हुआ है। यूपी मैंगो एक्सपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष नदीम सिद्दीकी ने बताया कि दुबई से 250 मीट्रिक टन आम का ऑर्डर मिला है।
- बुंदेलखंड झांसी में करीब 80 हेक्टेयर में करीब 40 से 45 प्रतिशत का नुकसान हुआ है।
- पूर्वाचल वाराणसी और आसपास के जिलों में आंधी-बारिश से आम की फसल को 60 फीसदी नुकसान की आशंका है। सोनभद्र के किसान संदीप सिंह चंदेल ने बताया कि मार्च की आंधी ने बौर चौपट कर दिया है