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यूपी: प्रदेश में बेमौसम बारिश से महंगी हो सकती हैं सब्जियां, ओले गिरने से इन फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान

Wed, 04 Feb 2026 10:08 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Rain affects crops: पूरे प्रदेश में बीते दो दिनों से मौसम में बदलाव है। इसका सीधा असर सब्जियों के साथ फसलों पर पड़ने वाला है। 
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यूपी में बारिश से होगा ये नुकसान। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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यूपी में मंगलवार को राजधानी लखनऊ सहित कई जिलों में अच्छी बारिश हुई। तेज बारिश व ओले गिरने से ग्रामीण इलाकों में टमाटर और मटर की फसल को नुकसान पहुंचा है। इससे आने वाले दिनों में सब्जियां महंगी होने के आसार हैं। अगर मौसम नहीं सुधरा और खेत में सब्जियां खराब हुईं तो सहालग के दिनों में दाम ज्यादा चढ़ेंगे।

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बीकेटी के हेमंत कुमार सिंह, रामदास यादव ने बताया कि वह मटर और टमाटर की खेती करते हैं। बारिश से खेत में जलभराव होने से सब्जियों के सड़ने का खतरा पैदा होता है। फसल तोड़ने के वक्त पता चलेगा कि कितना नुकसान हुआ है। सीतापुर रोड स्थित सब्जी मंडी के आढ़ती रिंकू सोनकर ने बताया कि मंगलवार सुबह दो से तीन घंटे बारिश हुई। मंडी में सुबह ही सौदा होता है। इससे ज्यादातर आढ़तियों का आधा ही सौदा हुआ। एक दिन में बहुत फर्क नहीं आता है, लेकिन अगर ऐसी स्थिति बनी रही तो मंडी में सब्जियों के भाव पर असर पड़ेगा।

कृषि विशेषज्ञ सत्येंद्र सिंह ने बताया कि यह बारिश गेहूं, आलू, चना, मसूर और गन्ने की फसल के लिए लाभकारी है, मगर आम की फसल में रोग का खतरा बढ़ने की आशंका बढ़ गई है।

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किसानों को जागरूक रहने की जरूरत

डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि चने की फसल पुष्पन अवस्था में है। लगातार नमी रहने से फंगस जनित रोग एवं फूल झड़ने की समस्या हो सकती है। सरसों में फूल आया हुआ है। बारिश से सफेद रतुआ और डाउनी मिल्ड्यू जैसे रोगों का खतरा बढ़ जाता है। बारिश से फसल में जलभराव, कंद सड़न और पछेती झुलसा जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। डॉ. सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम को ध्यान में रखते हुए समय पर कृषि वैज्ञानिकों की सलाह अनुसार दवाओं का इस्तेमाल करें, जिससे फसल को नुकसान से बचाया जा सके और बेहतर उत्पादन मिले।

मिर्च, अदरक, आंवले में 20-30 रुपये की तेजी
नरही के सब्जी विक्रेता रंजीत व अमन ने बताया कि 80-100 रुपये किलो वाली हरी मिर्च 100-120 हो गई है। 40 रुपये वाला आंवला 60 तो अदरक 80 से 100 रुपये किलो पहुंच गई है। लौकी कद्दू 30-40, टमाटर 30, बैगन 40-50, खीरा 50-60, गाजर और मटर 30 व आलू 20-30 रुपये किलो बिक रहा है।
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तीन घंटे की बारिश, गेहूं-गन्ने की फसल को फायदा

बारिश से गेहूं की फसल को फायदा।
सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक हुई बारिश जिले के किसानों के लिए ओवरऑल फायदेमंद साबित हुई है। खासकर गेहूं और गन्ने की फसल को इससे अच्छा लाभ मिला है। किसानों का कहना है कि बारिश का समय और अवधि संतुलित रही, यदि वर्षा ज्यादा देर तक होती तो तिलहन फसलों को नुकसान पहुंच सकता था।

जिला कृषि अधिकारी तेग बहादुर सिंह ने बताया कि अब तक मिली रिपोर्ट के अनुसार बारिश से किसी भी फसल को नुकसान नहीं पहुंचा है। इसके बावजूद एहतियात के तौर पर कृषि विभाग के कर्मचारियों को क्षेत्र में भ्रमण कर फसलों की स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए गए हैं। 

उन्होंने किसानों से अपील की है कि यदि कहीं भी फसल नुकसान की आशंका हो तो तुरंत फसल बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 14447 पर 72 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने बताया कि जिले में इस समय करीब 72 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं, 14 हजार हेक्टेयर में सरसों और लगभग 4 हजार हेक्टेयर में राई की खेती की जा रही है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश रबी फसलों की बढ़वार के लिए उपयोगी साबित होगी।
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