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UP: लोन देने में उन्नाव सबसे फिसड्डी...6 जिलों का सीडी रेशियो 40 प्रतिशत से नीचे; बैंकों को मिला ये आदेश

Fri, 02 Jan 2026 07:47 PM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

उत्तर प्रदेश में ऋण वितरण की स्थिति चिंता बढ़ा रही है। सितंबर 2025 की समीक्षा में उन्नाव समेत छह जिलों का सीडी रेशियो 40 प्रतिशत से नीचे रहा। 
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प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : i stock
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में लोन वितरण को लेकर बैंकिंग व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सितंबर 2025 तिमाही की समीक्षा में सामने आया है कि प्रदेश के 6 जिलों में सीडी रेशियो (ऋण-जमा अनुपात) 40 प्रतिशत से भी कम बना हुआ है। इनमें उन्नाव की स्थिति सबसे खराब है।

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ऋण जमा अनुपात उप-समिति की समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार मऊ (39.69%), अयोध्या (37.89%), आजमगढ़ (37.84%), प्रतापगढ़ (37.35%), बलिया (33.97%) और उन्नाव (32.59%) ऐसे जिले हैं, जहां सीडी रेशियो प्रदेश में सबसे कम दर्ज किया गया। जून 2025 और सितंबर 2025 दोनों तिमाहियों में इन जिलों की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हो सका।

रिपोर्ट में बताया गया कि बलिया जिले में कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन इसके बावजूद सीडी रेशियो 40 प्रतिशत की न्यूनतम सीमा से नीचे ही बना हुआ है। समीक्षा में यह भी सामने आया कि इन छह में से कोई भी जिला अपने मॉनिटरेबल एक्शन प्लान के तय लक्ष्यों को हासिल नहीं कर सका। सभी जिले अपने निर्धारित ऋण लक्ष्यों से पीछे चल रहे हैं।
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आजमगढ़ और मऊ जिलों में जमा राशि में क्रमशः करीब 1100 करोड़ रुपये और 500 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई, लेकिन उसी अनुपात में ऋण वितरण नहीं बढ़ पाया। इससे सीडी रेशियो और कमजोर हो गया। वहीं अयोध्या सहित अन्य जिलों ने कम ऋण मांग, परियोजनाओं की कमी और स्थानीय कारणों को इसकी वजह बताया।

सेक्टरवार लक्ष्य पर जोर

उप-समिति ने निर्देश दिए हैं कि 40 प्रतिशत से कम सीडी रेशियो वाले जिलों में हर दो महीने में जिला स्तरीय उप-समिति की बैठक अनिवार्य रूप से की जाए और उसकी रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर साझा की जाए। 

साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जिले की वास्तविक क्षमता के अनुसार नया एक्शन प्लान तैयार करने और बैंकों को सेक्टरवार लक्ष्य देने पर जोर दिया गया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने भी एनबीएफसी और माइक्रो फाइनेंस संस्थानों के ऋण आंकड़े शामिल करने, बाहरी ऋण का सही लेखा-जोखा रखने और शाखा स्तर पर निगरानी बढ़ाने के सुझाव दिए हैं।

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